आरोप: सात मामलों को अवैध रूप से मंजूरी दी
आप का कहना है कि कानून विभाग की राय का पूरी तरह से उल्लंघन कर उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव के माध्यम से सीधे फाइलें मंगवाई। चुनी हुई सरकार को दरकिनार कर अवैध रूप से अभियोजन प्रतिबंधों को अधिकृत करके इस प्रक्रिया को उलट दिया। गृह विभाग के रिकॉर्ड से पता चला है कि पिछले कुछ महीनों में अभियोजन प्रतिबंधों के ऐसे 7 मामलों को एलजी ने अवैध रूप से मंजूरी दे दी है। जिसने दिल्ली की आपराधिक न्याय प्रणाली को भारी संकट में डाल दिया है। जबकि लोकतांत्रिक तौर पर चुनी गई सरकार की वास्तविक शक्ति चुने गए लोगों के पास रहनी चाहिए।
आप की नजर में सात मामले
ओंकारेश्वर ठाकुर पर ट्विटर पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें नीलाम करने का आरोप।
शेहला राशिद पर ट्विटर पर भारतीय सेना की छवि खराब करने का आरोप।
अभिषेक मिश्रा के ऊपर सोशल मीडिया पर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धर्म के नाम पर दुश्मनी फैलाने का आरोप
9 लोगों को पुरानी दिल्ली के एक मंदिर में पथराव और कांच की बोतलें फेंकने की सलाह दी गई।
जफर इस्लाम खान जिस पर भड़काऊ पोस्ट करने का आरोप है।
ताहिर हुसैन जो कि उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़ी दो घटनाओं में आरोपी है।