दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को दूसरे हवाई अड्डा की सौगात मिलने में देरी की वजह भारतीय वायुसेना और दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को चलाने वाली कंपनी जीएमआर का कुछ मसला है। इसे सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। जैसे ही यह सुलझ जाएगा, हिंडन से उड़ान सेवा शुरू हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस हवाई अड्डे की औपचारिक शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते जून में ही कर दी थी।
भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अध्यक्ष अनुज अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि दिल्ली हवाई अड्डे को चलाने वाली कंपनी जीएमआर और भारतीय वायुसेना के बीच कुछ उड़ानों के स्लॉट को लेकर मसला है। इसे सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। एक-आध महीने में यह सुलझ जाएगा, उसके बाद वहां से उड़ान सेवा शुरू हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि हिंडन हवाई अड्डे को उड़ान योजना के तहत बनाया गया है। हिंडन से इंडिगो एयरलाइन, हेरिटेज एविएशन, गोड़ावत एयरलाइन और टर्बो एयरलाइंस को उड़ान भरने की इजाजत मिली है। इस हवाई अड्डे से उड़ानें शुरू हो जाने के बाद सबसे ज्यादा फायदा गाजियाबाद, पूर्वी दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर के नागरिकों को मिलेगा, जो अभी तक हवाई जहाज में चढ़ने के लिए दिल्ली जाते हैं। वहां से पिथौड़ागढ़ (उत्तराखंड), नासिक (महाराष्ट्र), कन्नूर (केरल) फैजाबाद (उत्तर प्रदेश) हुबली (कर्नाटक) शिमला (हिमाचल प्रदेश), कालाबुर्गी (कर्नाटक) और गुजरात के जामनगर के लिए उड़ान शुरू होगी।
जेवर के लिए सब काम समय पर
उन्होंने बताया कि जेवर हवाई अड्डे के लिए सभी काम समय पर हो रहा है। अभी उसके लिए बोली आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ फर्मों ने बोली डालने से पहले कुछ मसलों पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें इसका स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया जा रहा है। उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार को बोली प्राप्त हो जाएगी।