प्रगति मैदान में आहार-अंतरराष्ट्रीय खाद्य और अतिथि सत्कार मेला लग गया है। यहां एक ओर स्वाद की बारीकियां बताई जा रही हैं तो वहीं दूसरी ओर मेहमाननवाजी के गुर भी सिखाए जा रहे हैं।
दक्षिण एशिया के सबसे बड़े खाद्य मेले में 18 देशों ने हिस्सा लिया है। देसी और विदेशी 768 कंपनियां अपने-अपने आहार और स्वाद के साथ यहां मौजूद हैं।
सोमवार से शुरू हुए इस मेले में पहली बार ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों को शामिल किया गया। 14 मार्च तक चलने वाले मेले में सैकड़ों तरह के आहारों के अलावा फ्लेवर और मसालों का स्वाद भी मौजूद हैं।
हॉल नंबर छह से 18 तक लगी दुकानों में भारत के अलावा जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, मलयेशिया, पोलैंड, स्पेन, स्वीडन, कनाडा, टर्की, चीन, डेनमार्क, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, स्वीडन और संयुक्त अरब अमीरात के आहार मिलेंगे। भारत की ओर से झटपट खाना बनाने के तरीके सुझाए जा रहे हैं।
वहीं, मेले में आए शेफ व्यंजनों का लाइव प्रदर्शन कर रहे हैं। इटली, भारत आदि देशों की कई दुकानों पर लोगों को स्वाद चखाकर पदार्थों के बारे में समझाया गया, जिसका लोगों ने भरपूर लुत्फ उठाया। आईटीपीओ की एमडी रीता मेनन ने मेले का उद्घाटन किया।
आईटीपीओ के जनरल मैनेजर दलेल सिंह ने कहा कि पिछली बार के मुकाबले मेले की जगह को बढ़ाया गया है। इस बार इसमें बाहरी देशों की संख्या भी बढ़ी है। बाहरी कंपनियों को यहां खाद्य के क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं मिल रही हैं। मेले में पहले दिन लोगों की मौजूदगी भी अच्छी खासी रही।