कुछ अस्पतालों द्वारा भेजे जा रहे जन्म रिकॉर्ड में काफी त्रुटियां मिल रही हैं। इसे लेकर नगर निगम सख्त हो गया है। निगम ने अस्पतालों से कहा है कि इसमें सुधार करें तथा उनके यहां पैदा होने वाले बच्चों का आधार पंजीकरण अवश्य करें।
इस पर अमल न करने वाले अस्पतालों के खिलाफ निगम द्वारा कार्रवाई की जाएगी। यह बात नगर निगम के संयुक्त आयुक्त-1 विवेक कालिया ने अपने कार्यालय में अस्पताल प्रतिनिधियों संग बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि आधार पंजीकरण करने से बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र में डुप्लीकेसी भी नहीं होगी। बच्चों के आधार एनरोलमेंट की प्रक्रिया बहुत ही सरल है तथा इसके लिए बच्चे का फोटोग्राफ तथा माता या पिता में से किसी एक का आधार नंबर ही होना जरूरी है।
इस प्रक्रिया में बच्चे के थंब इंप्रेशन की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि माता या पिता में से किसी एक का थंब इंप्रेशन ही काफी है। बच्चे के जन्म के 21 दिन के भीतर जन्म पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। आधार एनरोलमेंट के लिए यूआईडीएआई द्वारा कुछ कंपनियों के टेबलेट मॉडल अधिकृत किए हैं, जो बाजार में वाजिब दाम पर उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल अपने किसी प्रतिनिधि को नगर निगम के माध्यम से निशुल्क प्रशिक्षण दिलवाकर आधार एनरोलमेंट कार्य को शुरू करवाएं। बैठक में नगर निगम की ओर से एनरोलमेंट प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
उधर, अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने इस बारे में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। बैठक में नगर निगम के आईटी कंसलटेंट विनोद, कर्मचारी रामकुमार सहित अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।