पुलिस के मुताबिक, अजीत परिवार के साथ तिलक विहार में रहता था। परिवार में माता-पिता के अलावा भाई व बहन हैं। कुछ माह पहले अजीत निजी कंपनी में नौकरी करता था, लेकिन उसने नौकरी छोड़ दी। अजीत को एक माह की सैलरी नहीं दी गई।
वहीं, आवेदन करने के बाद भी पीएफ नहीं दिया गया। अजीत काफी हताश हो गया था। 20 मई को परिवार के सदस्य एक कार्यक्रम में सुल्तानपुरी गये थे। इस बीच अजीत ने घर में फांसी लगा ली। नोट में उसने कंपनी के एचआर और एक अधिकारी पर परेशान करने का आरोप लगाकर उसकी मौत का जिम्मेदार बताया है।
दिल्ली के तिलक नगर क्षेत्र में आदमी आत्महत्या करता है। अपने आत्महत्या नोट में, उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के डीएम और एचआर जहां वह काम करते थे, कथित रूप से उनकी आत्महत्या के लिए ज़िम्मेदार हैं क्योंकि उन्होंने नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें बकाया राशि देने के लिए कथित तौर पर परेशान किया था।