जानकारी के मुताबिक निकुंज अपने पिता पंकज, मां और दो बड़ी बहनों के साथ खेड़ा खुर्द स्थित लोहार वाली गली में रहता था। शनिवार सुबह करीब 10 बजे निकुंज घर के बाहर गेंद खेल रहा था। गेंद नाली में चला गया। वह गेंद को निकालने के लिए नाली की ओर दौड़ा, तभी उसका पैर फिसला और वह नाली में गिर गया। नाली से होते हुए वह सीधा सीवर के अंदर चला गया।
बारिश होने की वजह से नाले में पानी का पानी का तेज बहाव था। निकुंज के गायब होने की जानकारी के बाद परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। लेकिन कहीं बच्चा नहीं मिला। उसके बाद परिवार वालों ने आस पास के सीसीटीवी कैमरे की जांच की, जिसमें पता चला कि बच्चा नाली में गिर गया है। पीड़ित परिवार ने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी। पुलिस और अन्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस और ग्रामीणों ने बच्चे की तलाश शुरू की।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
बच्चे को बचाने के लिए मेनहोल में कूदे ग्रामीण
बच्चे के चाचा मोहित ने बताया कि लोगों को जब घटना की जानकारी मिली तो वह बच्चे की जान बचाने के लिए मेनहोल में कूद गए। तीन से चार मेनहोल में बच्चे का कुछ पता नहीं चला। लोग अर्थ मूवर मशीन लेकर पहुंचे। सड़क तोड़कर सीवर तोड़ी गई, बावजूद बच्चे का कुछ पता नहीं चला। हादसे वाले स्थान से करीब 200 से 300 मीटर एक अन्य सीवर का ढ़क्कन खोलने के बाद बच्चा मेनहोल में फंसा मिला। बच्चे को तुरंत बाहर निकालकर पास के अस्पताल में ले जाया गया। जहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया।
इकलौते बेटे की मौत के बाद गमगीन है परिवार
इकलौते बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वेल्डिंग का कारोबार करने वाले बच्चे के पिता पंकज ने बताया कि राखी के त्योहार को लेकर उनके घर उनकी बहन आने वाली थी। वह अपने बच्चों को लेकर बस स्टैंड के पास गया था। वहां से आने के बाद वह बच्चों को घर पर छोड़कर अपने काम पर चले गए। पंकज ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटियां अपने भाई को राखी बांधने के लिए उत्साहित थी, लेकिन राखी बांधने से पहले ही उनका इकलौता बेटा उनसे काफी दूर चला गया।
पत्नी को लगा पति के साथ गया है बेटा
उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी को लगा कि वह अपने बेटे को लेकर गए हैं। बेटे के नहीं मिलने पर उनकी पत्नी ने उन्हें फोन किया था। उनके मना करने पर पत्नी ने बताया कि निकुंज काफी देर से उन्हें नहीं मिल रहा है। इस बात की जानकारी मिलते ही वह घर की तरफ भागे। वह अपने बेटे की तलाश करने लगे। इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की जांच की। जिसमें पता चला कि उनका बेटा नाली में गिर गया है। उसके बाद काफी लोग जमा हो गए और सीवर में उसकी तलाश करने लगे।
कोई भी विभाग जिम्मेदारी लेने से बच रहा है
बच्चे के चाचा मोहित ने बताया कि इस हादसे को लेकर कोई भी विभाग जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है। उनके मुताबिक करीब 30 वर्ष पहले ग्रामीणों ने खुद ही नाली बनवाई थी। किसी भी विभाग ने इस नाली की जिम्मेवारी नहीं ली थी। जहां बच्चा गिरा वहां जाली लगी थी। जिसे किसी ने चोरी कर ली। उसके बाद से नाली खुली हुई थी। जिसकी वजह से हादसा हुआ है।