‘मारा तो मुझे मेरे बेटे ने ही है, लेकिन तुम भी मेरे बेटे की तरह हो। तुम्हें गंगा की सौगंध है...मेरे बेटे के खिलाफ कोई कार्रवाई न करना।...’ ये आखिरी शब्द बेटे की पिटाई से घायल हुई उस विधवा मां के हैं, जिसने शुक्रवार शाम अस्पताल में दम तोड़ दिया।
नशे के लती बेटे ने पेंशन के 1100 रुपयों के लिए बृहस्पतिवार को मां को बुरी तरह पीटा था। ग्रामीणों ने चंदा लगाकर देर रात वृद्धा का अंतिम संस्कार किया।
गंगा खादर क्षेत्र के एक गांव की में रहने वाली 70 वर्षीय वृद्धा ने पति की मौत के बाद अपने इकलौते बेटे की अकेले ही परवरिश की थी।
जमीन जायदाद पर्याप्त थी, इसलिए बेटे को कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी। बेटा बड़ा हुआ तो नशे की लत लग गई। इसी के साथ धीरे-धीरे घर की तबाही का दौर शुरू हो गया।
बेटे के शौक पूरे न हुए तो उसने मां की विधवा पेंशन छीननी शुरू कर दी
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- फोटो : अमर उजाला
बेटे की जिद से मजबूर मां ने पहले 60 बीघा जमीन बेची, फिर मकान। इसके बाद भी जब बेटे के शौक पूरे न हुए तो उसने मां की विधवा पेंशन छीननी शुरू कर दी। बृहस्पतिवार को भी वह मां से शराब पीने के लिए पेंशन के रुपये मांग रहा था।
मां ने जब विरोध किया तो उसने मां को बुरी तरह पीटा और 1100 रुपये छीनकर उन्हें गंगा के किनारे फेंक आया। काफी देर तक वृद्धा वहीं पड़ी तड़पती रहीं। ग्रामीणों को जब मामले की भनक लगी तो वह वृद्धा के पास पहुंचे और उन्हें सीएचसी ले गए।
तब तक शरीर से काफी खून बह चुका था। लिहाजा, डॉक्टर ने गंभीर हालत में उन्हें मेरठ रेफर कर दिया। दोपहर से लेकर शाम हो गई लेकिन कोई उन्हें मेरठ ले जाने वाला नहीं मिला। पूरे दिन वह एंबुलेंस में पड़ी रहीं। देर रात अस्पताल की सूचना पर पुलिस उन्हें मेरठ लेकर गई।
वृद्धा लगातार हाथ जोड़कर बेटे के खिलाफ कार्रवाई न करने की अपील करती रहीं
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इस दौरान एंबुलेंस में पुलिस कर्मियों ने उनके बयान दर्ज किए। बकौल इंस्पेक्टर समरजीत सिंह, ‘ पूछताछ के दौरान वृद्धा लगातार हाथ जोड़कर बेटे के खिलाफ कार्रवाई न करने की अपील करती रहीं।’ मेरठ के एक अस्पताल में शुक्रवार देर शाम उनकी मौत हो गई।
मौत की सूचना जब गांव में पहुंची तो ग्रामीणों ने बेटे की काफी तलाश की लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। अंतत: कुछ ग्रामीण शव लेने के लिए मेरठ रवाना हो गए। चंदा लगाकर देर रात वृद्धा का अंतिम संस्कार किया गया।
इंस्पेक्टर समरजीत सिंह ने कहा कि मृतक की अंतिम इच्छा के अनुसार फिलहाल बेटे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अगर कोई ग्रामीण तहरीर लेकर आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।