पूठकलां में रहने वाले सतीश शर्मा के परिवार में उनकी पत्नी मंजू शर्मा, दो बेटे विशाल, मनीष, बेटी अंजलि शर्मा और गोद ली हुई बेटी छवि थी। छवि नगर निगम स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा थी। अंजलि ने बताया कि 30 जून को छवि पास के ही एक रिश्तेदार के यहां जा रही थी। तभी गली में एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। उसके पैर और हाथ में चार जगहों पर काट लिया था।
परिवार वाले तुरंत उसे अंबेडकर अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने छवि को एंटी रेबीज का पहला डोज लगा दिया। उसके कुछ दिनों बाद दूसरा टीका भी लग गया। 28 जुलाई को तीसरा टीका लगना था। 23 जुलाई को छवि की स्कूल में तबीयत खराब हो गई। उसे अंबेडकर अस्पताल लेकर गए जहां से उसे आरएमएल अस्पताल रेफर कर दिया गया।
बेड न होने की वजह से बच्ची को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे 24 जुलाई की शाम छुट्टी दे दी। उसी दिन फिर से उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार वाले उसे निजी अस्पताल में लेकर गए जहां 26 जुलाई को बच्ची ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने मौत का कारण दिमाग में इंफेक्शन बताया है। परिजनों ने बताया कि कुत्ते के काटने से भी उसकी मौत हो सकती है, हालांकि डॉक्टरों ने रेबीज की पुष्टि नहीं की है।