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'आप' के 17 मुद्दों की पड़ताल

Tue, 24 Dec 2013 04:21 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। आप के जिन मुद्दों पर जनता ने समर्थन दिया है अब वह लागू कैसे होगी सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं।
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जानकारों का कहना है कि ‘आप’ के पास काम ज्यादा है समय कम है। जितना समय उन्होंने तय किया है वह थोड़ा मुश्किल है।

क्योंकि दिल्ली में किसी भी कानून में बदलाव या सुधार के लिए केंद्र का हस्तक्षेप बना रहता है और उसकी मंजूरी भी लेनी होती है। ऐसे में तय समय सीमा में काम हो पाएगा यह कहना मुश्किल है।

‘आप’ की सरकार के मुद्दों पर विशेषज्ञों की राय के साथ बृजेश सिंह की रिपोर्ट...

मुद्दा नंबर 1: दिल्ली में वीआईपी कल्चर, विधायक फंड बंद करना

कब, कैसे होगा लागू: दिल्ली में लालबत्ती नहीं लगाने का फैसला सरकार तुरंत ले सकती है। विधायक और पार्षद के फंड नहीं देने का फैसला दिल्ली सरकार ले सकती है।
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मगर इसमें बदलाव लागू करने से पहले एलजी से मंजूरी लेनी होगी। इसमें एक हफ्ते का वक्त लग सकता है।

मुद्दा नंबर 2: जनलोकपाल बिल

कब, कैसे होगा लागू: जन लोकपाल बिल पास करना दिल्ली विधानसभा का काम है। लेकिन उसे लागू तभी किया जा सकता है जब राष्ट्रपति उसे मंजूरी दे। यह एलजी के यहां से होते हुए गृह मंत्रालय फिर राष्ट्रपति के पास जाता है।

वहां से मंजूरी के बाद लागू किया जा सकता है। वैसे तो केंद्र सरकार को यह बिल पास करने पर ज्यादा समय नहीं लगेगा, लेकिन प्रक्रिया पूरी करने में ही निर्धारित 15 दिनों से ज्यादा वक्त लग सकता है।

मुद्दा नंबर 3: दिल्ली में स्वराज स्थापित हो

कब, कैसे होगा लागू: राज्य सरकार इस कानून को बनाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी देने के बाद प्रस्ताव पास कर सकती है। लेकिन गृह मंत्रालय के माध्यम से राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद इसे जमीन पर उतारा जा सकेगा।

अगर पहले से जीएनसीटी 1991 में कोई एक्ट का प्रावधान है तो उसमें सुधार करके भी इसे लागू कर सकते हैं। एक माह के भीतर ‘आप’ इसे लागू कराना चाहती है।

मुद्दा नंबर 4: दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा

कब, कैसे होगा लागू: यह फैसला लेने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास है। राज्य सरकार सिर्फ इसकी मांग कर सकती है। इसलिए इसमें समय सीमा तय करना ‘आप’ के लिए मुश्किल है।

मुद्दा नंबर 5: बिजली के दाम 50 फीसदी कम करना

कब व कैसे होगा लागू : बिजली बिल कम करना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैै। इसके लिए आम आदमी पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में कुल 4 महीने का समय लिया है।

ऐसे में सरकार बनाते ही सबसे पहले 24 घंटे के भीतर बिजली कंपनियों के खातों की ऑडिट करा सकती है। इस काम में तीन महीने का समय लग सकता है।

मुद्दा नंबर 6: बिजली के तेज चलते मीटर

कब कैसे होगा लागू: इसके लिए राज्य सरकार के पास पूरा अधिकार है। ‘आप’ की सरकार 100 दिनों में इस काम को करने का दावा कर रही है। इसमें किसी तरह की अड़चन नहीं है।

फिर भी जानकार इस पूरी प्रक्रिया में तेजी से काम होने के बाद भी 3 महीने से ज्यादा वक्त लगने की बात कर रहे हैं।

मुद्दा नंबर 7: दिल्ली में पानी की व्यवस्था

कब, कैसे होगा लागू: ‘आप’ के घोषणा पत्र में 700 लीटर पानी मुफ्त में देना प्राथमिकता है। केजरीवाल की सरकार इसे लेकर तुरंत फैसला कर सकती है।

जहां तक जलबोर्ड के पुनर्गठन का काम यह दिल्ली सरकार का अधिकार है। मुख्यमंत्री इसका अध्यक्ष होता है। राय मशविरे के बाद इसमें एक माह का समय लग सकता है।

मुद्दा नंबर 8: दिल्ली की अनधिकृत कालोनियां

कब कैसे होगा लागू: ‘आप’ की सरकार के लिए यह सबसे पेचीदा मामला है। यह मुद्दा इसलिए भी जरूरी है क्योंकि ‘आप’ को सबसे ज्यादा वोट यहीं से मिला है।

लेकिन बिना केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग के यह नहीं हो सकता है। केंद्र और दिल्ली में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी कांग्रेस पार्टी 5 साल में इसे सुलझा नहीं पाई।

अब ‘आप’ के साथ केंद्र कितना सहयोग करता है और कितना समय लगेगा कहना मुश्किल है।

मुद्दा नंबर 9: झुग्गी बस्तियों के बदले पक्का मकान

कब, कैसे होगा लागू: इसका फैसला लेना राज्य सरकार के पाले में है। जमीन पर उतारने के लिए केंद्र सरकार की जरूरत पड़ेगी। दिल्ली में मकान बनाने के लिए जमीन की कमी है।

केंद्रीय एजेंसियों से जमीन चाहिए। इसलिए यह फैसला तो ले सकते हैं मगर बगैर जमीन के इस पर अमल करने में सालों लग सकते हैं।

मुद्दा नंबर 10: स्थायी कामों के लिए ठेके पर कर्मचारी नहीं

कब, कैसे होगा लागू: यह सरकार के जद में है। वह चाहे तो अपने स्तर पर फैसला ले सकती है। फैसला लेने के बाद इसे जमीन पर उतारने में 3-4 महीने का समय लग सकता है। फाइनेंस विभाग से मंजूरी के बाद इसे लागू किया जा सकता है।

मुद्दा नंबर 11: व्यापार व उद्योग में वैट सरलीकरण

कब, कैसे होगा लागू: यह भी राज्य सरकार के हद में वह चाहे तो आगे कदम बढ़ा सकती है। इसे सरकार चाहे तो विभाग के साथ मिलकर अगले कुछ दिनों में नया आदेश जारी कर सकती है। बदलाव होते ही लागू करने में सप्ताह भर लगेगा।

मुद्दा नंबर 12: रिटेल में एफडीआई

कब, कैसे होगा लागू: केंद्र सरकार ने यह फैसला लेने का अधिकार राज्य सरकारों पर छोड़ दिया है। इसलिए यह करना नहीं करना दिल्ली सरकार के हाथ में होगा।

किराना में एफडीआई लागू नहीं करने का फैसला राज्य सरकार का फैसला होगा। यह आदेश तुरंत लागू किया जा सकता है।

मुद्दा नंबर 13: दिल्ली में लाल डोरा व जमीन अधिग्रहण मामला

कब, कैसे होगा लागू: यह लंबी प्रक्रिया होगी। लाल डोरा में बदलाव के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी लेनी पड़ेगी। जमीन अधिग्रहण नियमों में बदलाव के लिए केंद्र सरकार के पास जाना पड़ेगा।

राज्य सरकार को प्रस्ताव पास करने के बाद इसे एलजी के माध्मय से गृह मंत्रालय भेजा जाएगा। उसकी मंजूरी कब मिलेगी यह केंद्र सरकार के हाथ में है। राज्य सरकार सिर्फ सिफारिश कर सकती है।

मुद्दा नंबर 14: शिक्षा, नए स्कूल खोलना

कब कैसे होगा लागू: कोई अड़चन नहीं है वह अपने स्तर पर फैसला लेकर काम कर सकती है। मगर नए स्कूल कहां किसकी जमीन पर खुलेंगे इसे तय करने में वक्त लग सकता है।

क्योंकि दिल्ली में स्कूलों के लिए जमीन कम बची है। इसलिए जमीन के लिए डीडीए जैसी एजेंसी के पास जाना पड़ेगा जो केंद्र सरकार के दायरे में है। जल्दी करके भी इसमें एक साल लग सकता है।

मुद्दा नंबर 15: स्वास्थ्य

कब कैसे होगा लागू: नए अस्पताल खोलना और सुविधाओं में सुधार करना राज्य सरकार का फैसला है। वह चाहे तो तुरंत इसे लेकर आदेश जारी कर सकता है। मगर जमीन पर उतारने के लिए कम से कम 6 महीने का समय चाहिए।
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मुद्दा नंबर 16: महिला सुरक्षा

कब कैसे होगा लागू: अगर किसी फोर्स का गठन करना है तो उसके लिए गृह मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी। प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार के पास भेजना पड़ेगा।

मंजूरी के बाद गठन किया जा सकता है। केंद्र सरकार सभी पहलुओं को देखने के बाद ही मंजूरी देगी। वह चाहे तो मना भी कर सकती है।

मुद्दा नंबर 17: न्याय व्यवस्था

कब, कैसे होगा लागू: इसमें बिना केंद्र सरकार की मदद के बदलाव नहीं किया जा सकता है। इसमें बदलाव करने व नए कोर्ट के लिए लंबा वक्त लगेगा छह माह से लेकर सालभर में ही यह बदलाव संभव है।
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