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Delhi EV Policy: दिल्ली में अगले महीने लागू हो सकती है नई ईवी पॉलिसी, कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार

Sat, 20 Jun 2026 02:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार आगामी सप्ताह में होने वाली कैबिनेट बैठक में दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 का प्रस्ताव रखने की तैयारी कर रही है।
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मसौदा नीति में 30 लाख रुपये तक की हाइब्रिड कारों पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट देने का प्रावधान किया गया है। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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दिल्ली सरकार अगले माह नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी लागू कर सकती है। सरकार आगामी सप्ताह में होने वाली कैबिनेट बैठक में दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 का प्रस्ताव रखने की तैयारी कर रही है। मौजूदा दिल्ली ईवी नीति 30 जून को समाप्त हो रही है और सरकार इसे आगे बढ़ाने के बजाय नई नीति को लागू करने के पक्ष में है।

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अधिकारियों के अनुसार, नई नीति का मसौदा लगभग तैयार है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। अप्रैल में इस मसौदे को सुझाव और आपत्तियों के लिए सार्वजनिक किया गया था। हालांकि हाइब्रिड वाहनों को प्रोत्साहन देने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनने के कारण इसकी मंजूरी में देरी हुई।

मसौदा नीति में 30 लाख रुपये तक की हाइब्रिड कारों पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने से लोगों का रुझान स्वच्छ परिवहन की ओर बढ़ेगा और आगे चलकर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में भी मदद मिलेगी। हालांकि कुछ पक्षों का तर्क है कि प्रोत्साहन केवल पूर्ण रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों तक सीमित रहना चाहिए।
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नई ईवी पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्रस्तावित किए गए हैं। इसके तहत जनवरी 2027 से नए सीएनजी तीनपहिया वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने और अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल दोपहिया वाहनों के पंजीकरण बंद करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य इन दोनों श्रेणियों को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनाना है।

मौजूदा ईवी नीति अगस्त 2023 में समाप्त हो गई थी, लेकिन सरकार ने इसे कई बार बढ़ाया। अधिकारियों का कहना है कि अब नई नीति को लागू करना जरूरी हो गया है और इसे लेकर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। दिल्ली सरकार ने पिछली ईवी नीति के तहत 2025 तक नए वाहन पंजीकरण में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था। हालांकि यह लक्ष्य अभी पूरी तरह हासिल नहीं हो पाया है। इसके बावजूद सरकार का मानना है कि नई नीति के माध्यम से राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को और गति मिलेगी।

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