गृह मंत्री ने की समीक्षा बैठक, फायर सिस्टम को आधुनिक बनाने के निर्देश
3, 15 और 25 साल की जरूरतों के हिसाब से तैयार होगा प्लान, रिस्पॉन्स टाइम सुधारने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को देखते हुए सरकार लंबी अवधि का फायर फाइटिंग मास्टर प्लान बनाएगी। दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को सचिवालय में फायर विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें राजधानी की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम निर्देश दिए गए।
गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली की बढ़ती आबादी और शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए 3 साल, 15 साल और 25 साल की जरूरतों के मुताबिक एक व्यापक फायर फाइटिंग मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इस प्लान का मकसद भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए फायर सेफ्टी सिस्टम को मजबूत और प्रभावी बनाना है। बैठक में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम, आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई और फायर प्रिपेयर्डनेस पर चर्चा हुई। गृह मंत्री ने अधिकारियों से फायर प्रिवेंशन में आ रही बाधाओं, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, नए फायर वाहनों की खरीद और विभाग के आधुनिकीकरण की योजनाओं की जानकारी ली। गृह मंत्री ने फायर विभाग को दिल्ली पुलिस, डीडीए, एमसीडी, डिस्कॉम और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
फायर रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर जोर
मंत्री ने खास तौर पर फायर रिस्पॉन्स टाइम को कम करने, इंटरनल कम्युनिकेशन सिस्टम को और बेहतर बनाने और आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही फायर अधिकारियों को नई तकनीकों के अनुसार प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए। गृह मंत्री ने कहा कि फायर सेफ्टी व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
आग से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलेगा
गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशन, धार्मिक संगठनों और अन्य सामाजिक समूहों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाए जाए। इसमें मॉक ड्रिल, आग लगने पर क्या करें और क्या न करें, जैसे विषयों पर लोगों को जानकारी दी जाए। लोगों को अपने घरों और संस्थानों में स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर और अन्य आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरण लगाने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और रेन बसेरों जैसे संवेदनशील स्थानों का नियमित फायर ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।