दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद आतंकी संगठन अलकायदा से प्रभावित होकर मॉड्यूल खड़ा करने वाला सरगना डाॅक्टर इश्तियाक अहमद ने रांची स्थित आवास में बड़ी लाइब्रेरी खोल रखी थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस लाइब्रेरी को ढूंढ निकाला है। इस लाइब्रेरी में धार्मिक पुस्तकें व कुछ आपतिजनक सामग्री मिली है।
आरोपी डाॅक्टर व उसके साथी इन भोले-भाले युवकों को कयामत आने से पहले हिंदू व यहूदियों के खिलाफ लडऩे के लिए उकसाया जाता था। कुछ युवक आतंक की इस राह को छोडऩा चाहते थे, मगर उनको धमकी दी जाती थी कि अगर वापस लौटे तो पुलिस को सूचना देकर फंसा देंगे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी डाक्टर ने अपने आवास में बना रखी ये लाइब्रेरी काफी बड़ी हैं। इसमें काफी संख्या में धार्मिक व अन्य पुस्तकें हैं। यहां पर पढ़ाकर व वीडियो दिखाकर युवकों को हिंदू व यहूदियों के खिलाफ उकसाया जाता था।
युवकों से कहा जाता था कि पूरे विश्व में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है। इसके खिलाफ मुस्लिमों को युद्ध लड़ना है। आरोपी के भड़काने पर युवाओं में कट्टरवाद पैदा हो गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी तक की जांच में ये बात सामने आई है कि डाक्टर इश्तियाक दो लोगों से ऑनलाइन बात करता था।
हालांकि आरोपी को इनके नाम पता नहीं हैं। ये भी बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में कर्नाटक में अलकायदा से प्रभावित होकर बने जिस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था, उस मॉड्यूल के कुछ लोगों से आरोपी डाॅक्टर जुड़ा हुआ था।
आरोपी डॉक्टर को नहीं है पछतावा
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी डाॅ.इश्तियाक को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। वह पूछताछ के दौरान हमेशा मुस्कराता रहता है। वह यही कहता है कि उसने कोई गुनाह नहीं किया। वह अपना कर्म कर रहा था।
ये कहकर युवकों को भड़काता था
जल्द ही कयामत आने वाली है।
सभी मुर्दे जिंदा हो जाएंगे।
इमाम महेंदी आएंगे।
वह साढ़े बारह हजार सैनिकों की सेना तैयार करेंगे।
ये सेना यहूदियों के खिलाफ युद्ध करेगी।
ऐसे वक्त में पैगांबर जन्म लेंगे।
कुरीतियों पर पर्दा डाला जा रहा है।
विश्व में मुस्लिमों पर अत्याचार हो रहा है।
हिंदू व यहूदियों के खिलाफ युद्ध लड़ना है। फिर कयामत आएगी।