नई दिल्ली। शुक्रवार शाम इंडिया हैबिटेट सेंटर के स्टीन सभागार में भरतनाट्यम नृत्यांगना प्रियंका रघुरामन ने अपनी एकल प्रस्तुति पुनरागम के जरिए भाव, लय, ताल और मुद्राओं का सुंदर मेल प्रस्तुत किया। चेहरे के भाव, हाथों की मुद्राओं और पैरों की लयबद्ध थाप के जरिए उन्होंने कथा और भावों को दर्शकों तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि पुनरागम का अर्थ है फिर लौटना। मंच पर नृत्यांगना की हर गति जैसे बीते अनुभवों की ओर लौटती और फिर वर्तमान में अपना नया अर्थ तलाशती दिखाई दी। भरतनाट्यम की सधी हुई देहभाषा और भावपूर्ण अभिनय के बीच प्रस्तुति धीरे-धीरे दर्शकों को अपने साथ बहाती चली गई। कहीं मुद्राओं में कोमलता थी तो कहीं पैरों की थाप में दृढ़ता। नृत्यांगना की साधना और प्रस्तुति के अनुशासन ने इस प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया। संवाद