अमेरिका से आया 20 डॉक्टरों का एक समूह दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। रोजाना हजारों मरीजों का इलाज किया रहा है। कार्डियोलॉजिस्ट सवाई मान सिंह ने बताया कि उनका समूह हर साल मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाने के लिए भारत आता है। इस साल यह किसानों के लिए लगाया गया है। इसलिए 20 दिन से टीकरी बॉर्डर पर इलाज कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह तीन महीने अपने सालाना चिकित्सा शिविर के लिए भारत आए थे। एक महीने में चिकित्सा शिविर को पूरा कर लौटने का कार्यक्रम था, लेकिन किसान आंदोलन को देखते हुए उनके समूह ने शिविर को जारी रखने का निर्णय लिया है। समूह में शामिल कई डॉक्टरों के माता-पिता किसान हैं। इसलिए डॉक्टरों की योजना है कि जब तक किसानों को उनकी आवश्यकता है, तब तक वे वापस नहीं जाएंगे।
तनाव में हैं ज्यादातर किसान
अमेरिका में चार साल से लगातार प्रैक्टिस कर रहे सवाई मान सिंह ने बताया कि किसान आंदोलन में सर्वाधिक लोग तनाव से ग्रसित हैं। इस वजह से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। इससे उन्हें बुखार और दस्त आदि समस्या उत्पन्न हो रही है। ऐसे लोगों को कोविड-19 का खतरा भी अधिक है।
रोजाना 1500 से 2000 मरीजों का इलाज
डॉक्टर मान सिंह ने बताया कि टीकरी बॉर्डर पर रोजाना 1500 से 2000 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अधिकांश किसान मास्क पहनने से इनकार कर रहे हैं, लेकिन जो एक बार बीमार पड़ रहे हैं तो फिर वह मास्क पहनना शुरू कर रहे हैं।
अन्य सुविधाएं भी प्रदान कराने का प्रयास
चिकित्सा शिविरों के अलावा डॉक्टरों का समूह किसानों के बच्चों के लिए स्वच्छता सेवाएं, खाद्य आपूर्ति, किताबें व दूसरी जरूरत की सामग्री भी उपलब्ध करा रहा है। गोरा सिंह के सहयोग से टीकरी बॉर्डर पर भी वाशिंग मशीन लगा दी गई है, ताकि सर्दी में लोगों को कपड़े धोने में तकलीफ ना हो।