नगर के एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी बहन की शादी युवक से दो साल पहले हुई थी। जिस समय युवक से अपनी बहन का निकाह कराया था वह होटल का काम देखता था। होटल के मालिक ने उसे अपना बेटा बताया था। इस वजह से उन्होंने अपनी बहन का निकाह उसके साथ कर दिया था। मगर करीब छह माह बाद इस प्रकरण का खुलासा हुआ तो ससुरालियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी देते हुए घर में कैद कर लिया।
उसे न तो घर से बाहर जाने दिया जाता और न ही मोबाइल दिया जाता। यदि मायके वालों से बात भी सामने बैठाकर ही कराई जाती थी। पीड़िता को उसके पिता के घर नहीं जाने देते थे। इस मामले को लेकर कई पंचायतें की गई, लेकिन समाधान नहीं हो सका। कुछ माह पहले पुलिस से शिकायत की गई थी मगर कोई न्याय नहीं मिला। अब राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली में शिकायत की है। उधर, पुलिस का कहना है कि मामले संज्ञान में नहीं है।