मृत लोगों की संपत्ति हड़पने के लिए फर्जीवाड़ा आम बात है। लेकिन मृतक की मौत के मुआवजे के लिए फर्जीवाड़ा किसी ने शायद ही सुना हो। दूसरी बार मुआवजा लेने के लिए उसकी मां ने अपना नाम बदलकर याचिका दायर की।
यह परिवार यूपी के गोंडा में मृतक की मौत का मुआवजा अदालत से ले चुका है। फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद अदालत ने बीमा कंपनी केे चेयरमैन को नोटिस जारी कर जांच व रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
तीस हजारी अदालत के एमएसीटी जज आरपीएस तेजी ने कहा कि रिकॉर्ड देखने से साफ है कि याची रूपा ने केस के अहम तथ्य कोर्ट व पुलिस से छिपाए। पुलिस ने मृतक के वारिसों की जांच करने में उचित कदम नहीं उठाए।
पेश मामले में हरी शंकर की दिल्ली के विकासपुरी इलाके में 2013 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उसका परिवार मूल रूप से गोंडा, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। गोंडा की अदालत में उसकी बेटी संगीता ने 2013 में मुआवजा याचिका दायर की थी।