उसी के ऊपर मोहित के माता-पिता व तीन बहनें रहती हैं। मोहित परिवार का इकलौता बेटा था। कुछ साल पूर्व अर्पिता से उसकी फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। दोनों ने प्यार का इजहार कर घरवालों की मर्जी से 2016 में शादी कर ली थी। मोहित दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगा था।
शादी के बाद वह परिवार से अलग पिता के दूसरे फ्लैट में गोविंदपुरी में रहने लगा था। सब कुछ ठीक चल रहा था। दोनों की कोई संतान नहीं थी। इधर, रविवार सुबह 10 बजे मोहित की मां ने अपना मोबाइल चेक किया। इस पर अर्पिता ने सास को व्हाट्स ऐप कर आत्महत्या करने की बात कही थी।
पता चलने पर मोहित के पिता ने पास में रहने वाले अपने साले के बेटे नितिन को घर जाकर देखकर आने को कहा। नितिन घर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद पाया। 10:50 बजे नितिन ने सूचना पुलिस को दी।
पुलिस की मौजूदगी में फ्लैट का दरवाजा तोड़ा गया तो ड्राइंग रूम में अर्पिता का शव जमीन पर पड़ा था। अंदर के कमरे में मोहित का शव बैडशीट से पंखे पर लटका था।
परिवार का इकलौता बेटा और तीन बहनों का अकेला भाई अच्छा-खासा घर छोड़कर वन-बीएचके फ्लैट में क्यों रह रहा था, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। क्या परिवार दोनों की शादी से खुश नहीं था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसका खुलासा अर्पिता के परिवार के आने के बाद ही हो पाएगा। सोमवार को अर्पिता का परिवार दिल्ली पहुंचेगा। वहीं मोहित के परिजन फिलहाल पुलिस को कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।
शुरुआती जांच के बाद दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि ऐसा लगता है कि बच्चा न हो पाने के कारण दंपती परेशान था। वहीं रिश्तेदार इसे आत्महत्या की वजह मानने को तैयार नहीं हैं।
उनका कहना है कि दो साल बहुत ज्यादा समय नहीं है। बच्चा बाद में भी हो सकता था। वहीं परिवार केे कुछ लोग दबी जुबान में कह रहे हैं कि मोहित आर्थिक तंगी से परेशान था। इससे वह परेशान रहता था।
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल ने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए एम्स मोर्चरी भेज दिया गया है। एसडीएम मामले की छानबीन कर रहे हैं। फिलहाल सुसाइड के कारण का पता नहीं चल पाया है।