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Delhi Murder: 'पहले भी वसीम पर चार बार हुआ था हमला', गैंगस्टर छेनू के करीबी गुर्गे की चाकुओं से गोदकर हत्या

Thu, 01 Jan 2026 03:27 PM IST
शाहरुख खान शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश की राजधानी दिल्ली में गैंगस्टर छेनू के करीबी गुर्गे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। मृतक वसीम पर इसके दो भतीजों शाकिर 26 और इस्लाम उर्फ बार्डर 22 ने ही हमला किया है। उस पर वार करने वाला चाकू भी बरामद कर लिया गया है।
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मृतक वसीम की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में गैंगस्टर छेनू के करीबी गुर्गे की चाकू से वारकर हत्या कर दी गई। मृतक की शिनाख्त वसीम (33) के रूप में हुई है। मंगलवार देर रात वसीम किसी काम से बाहर निकला था। इस बीच शास्त्री पार्क फ्लाईओवर लूप के पास बदमाशों ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। 
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पुलिस के अनुसार वसीम पर इसके दो भतीजों शाकिर 26 और इस्लाम उर्फ बार्डर 22 ने ही हमला किया है। उस पर वार करने वाला चाकू भी बरामद कर लिया गया है। 

हमले में गंभीर घायल में परिजनों ने वसीम को नजदीकी जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसको मृत घोषित कर दिया गया। वसीम की पत्नी ने उसके ही भतीजे पर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वसीम के खिलाफ 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। 

पुलिस रंजिश के अलावा दूसरे एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। बुधवार को जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद वसीम का शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। पुलिस परिजनों के आरोप की पड़ताल कर रही है। 
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उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि वसीम परिवार के साथ बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क में रहता था। इसके परिवार में पत्नी आफरीन के अलावा एक बेटा व एक बेटी हैं। पुलिस सूत्रों मुताबिक वसीम की छेनू से नजदीकियां थीं। अक्सर वह गैंगस्टर हाशिम बाबा के खिलाफ कुछ न कुछ बोलता रहता था।

पहले भी वसीम पर चार बार हुआ था हमला
वसीम पर पहले भी चार बार जानलेवा हमला हो चुका है। हर बार उसकी किस्मत ने साथ दिया, लेकिन पांचवीं बार वह मारा गया। 12 जून को वेलकम इलाके में चार गोलियां लगने के बाद भी वह बच गया था। वेलकम में गोली लगने के बाद करीब एक माह तक उसका जीटीबी अस्पताल में इलाज चलता रहा।

इतना ही नहीं 14 जुलाई को तीन बदमाश जीटीबी अस्पताल के भीतर वार्ड में घुस गए। बदमाशों ने वार्ड के भीतर ही वसीम समझकर एक अन्य मरीज रियाजुद्दीन (32) को सात गोलियां मारीं और भाग गए। इससे पहले भी वसीम पर दो बार गोली चली थी, लेकिन उसे लगी नहीं थी।
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जीटीबी में जब रियाजुद्दीन की गोली लगने से मौत हुई तो वसीम की पत्नी आफरीन ने उस समय पुलिस से वसीम की सुरक्षा की मांग की थी। इलाज के बाद तबीयत में सुधार होने के बाद वह ठीक भी हो गया था। पुलिस सूत्रों ने कहा कि वसीम गैंगस्टर छेनू का नजदीकी था। मंडोली जेल में बंद रहने के दौरान हाशिम बाबा के करीबी समीर बाबा से वसीम की तू-तू, मैं-मैं हो गई थी। 
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