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एक दोषी को राष्ट्रपति से मिलती है माफी, तो बाकी दायर कर सकते हैं नई दया याचिका

Thu, 06 Feb 2020 09:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर निर्भया मामले में चार दोषियों में से एक को राष्ट्रपति से माफी मिल जाती है तो बाकी दोषियों को नई दया याचिका करने का अधिकार मिल जाएगा। हाईकोर्ट ने बुधवार को चारों दोषियों मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय कुमार शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को एक साथ फांसी देने का फैसला देते हुए यह टिप्पणी की। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर चारों में से बचे दोषी पवन की दया याचिका स्वीकार हो जाती है तो क्या फिर से देश को निर्भया के दोषियों को फांसी पर चढ़ता देखने के लिए लंबा इंतजार करना होगा.....

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अल्टीमेटम पर निर्भया की मां ने खुशी जताई

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विनय ने बनाई ये पेंटिंग - फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट ने क्या कहा
जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने कहा, अगर दोषी अक्षय कुमार की दया याचिका को राष्ट्रपति स्वीकार कर लेते हैं तो बदली हुई परिस्थिति में मुकेश को नई दया याचिका दायर करने का अधिकार होगा। हालांकि कोर्ट के आदेश के कुछ घंटों बाद राष्ट्रपति ने अक्षय की याचिका भी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा, गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के नियम 8 (ए) में कहा गया है कि अगर राष्ट्रपति दया याचिका खारिज कर देते हैं तो बदली हुई परिस्थितियों में नई याचिका दायर की जा सकती है। 
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निर्भया केस - फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने मुंबई धमाकों में दोषी याकूब मेमन के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख किया, जिसमें दया याचिका खारिज होने के बाद भी बदली हुई परिस्थिति में उसे दया याचिका दायर करने की अनुमति दी गई थी। कोर्ट ने कहा, लिहाजा मुकेश को बाकी दोषियों से सिर्फ इसलिए अलग नहीं किया जा सकता क्योंकि उसके सभी विकल्प खत्म हो चुके हैं। 

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- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि निर्भया के दोषियों की फांसी पर रोक लगाने वाले फैसले के खिलाफ डाली गई याचिका की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषियों को अंतिम सात दिन दिए हैं। साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश को रद्द करने से भी मना कर दिया है। इसका मतलब है कि चारों दोषियों को एक साथ फांसी होगी। हाईकोर्ट की ओर से बुधवार को निर्भया के दोषियों को फांसी के खिलाफ सभी कानूनी उपायों के एक सप्ताह में उपयोग के अल्टीमेटम पर निर्भया की मां ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि दोषी कानूनी विकल्पों का जान-बुझकर उपयोग न करके उनका इस्तेमाल कर हर बार फांसी की तारीख को टलवा रहे थे।
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निर्भया केस - फोटो : अमर उजाला
अब सभी दोषियों को अपने बाकी कानूनी उपायों के तहत याचिकाएं एक हफ्ते के भीतर ही दाखिल करनी होंगी। इसके बाद उनके पास फांसी को टलवाने का कोई विकल्प नहीं बचेगा और गुनाह की सजा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि अब निर्भया के सभी दोषियों के पास एक सीमित समय है। इसके बाद उन्हें जल्द ही फांसी मिलेगी और उनकी बेटी को न्याय मिल सकेगा। ोउन्होंने कहा कि मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। पूरी उम्मीद है कि दोषी अब फांसी को नहीं टलवा पाएंगे। उन्होंने बेटी का न्याय दिलाने के लिए सात साल लड़ाई लड़ी है। यह उनकी लड़ाई का आखिरी दौर है। हाईकोर्ट ने दोषियों की ओर से फांसी में देरी के लिए प्रयोग किए जा रहे पैंतरों को समझ लिया है।
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