वीके सक्सेना, उपराज्यपाल दिल्ली।
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दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने शनिवार को संविदा पर काम कर रहे 962 नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं में एक साल के विस्तार की मंजूरी दे दी। इन पदों पर जल्द ही स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इससे पहले उपराज्यपाल ने 777 पैरा-मेडिकल स्टाफ और 476 पार्ट टाइम वोकेशनल शिक्षकों की सेवा विस्तार को मंजूरी दी थी।
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर सहमति देते हुए एलजी ने कहा कि नर्सिंग के इन पदों को जल्द भरने के लिए डीएसएसएसबी जल्द काम करें। इन पदों पर स्थायी नियुक्तियों के लिए निश्चित समयसीमा के अंदर परीक्षाएं आयोजित करें। साथ ही, एलजी ने स्वास्थ्य विभाग से तीन माह में इस मामले में कार्रवाई रिपोर्ट भी सौंपने को कहा है।
वहीं, अन्य अधिकारी ने कहा कि इन पदों को भरने के लिए पिछले साल भी कहा गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ऐसा नहीं करवा पाएगा। हालांकि, नर्सिंग स्टाफ की कमी को देखते हुए एलजी ने इस साल मंजूरी दी है। इससे पहले कोर्ट ने विभाग को इन कर्मचारियों के संबंध में वन टाइम रेगुलराइजेशन पॉलिसी (एकमुश्त नियमितीकरण नीति) बनाने का निर्देश दिया था। कोर्ट के निर्देश के तहत ये संविदा कर्मचारी आयोजित खुली प्रतियोगिता में एक बार शामिल हो सकते हैं और इनके लिए कोई उम्र सीमा नहीं होगी।
विभाग पर है कोर्ट की अवमानना का आरोप
स्वास्थ्य विभाग पर कोर्ट की अवमानना का आरोप लगा है। इन इन नर्सिंग पदों पर स्थायी नियुक्तियों के लिए विभाग ने कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इस मामले में हाईकोर्ट में एक अवमानना याचिका और रिट याचिका भी लंबित है। दिल्ली हाईकोर्ट में अवमानना का सामना कर रहे स्वास्थ्य विभाग ने एक हलफनामा दायर किया जिसमें बताया गया कि नर्सिंग अधिकारियों के 1468 पदों को भरने संबंधी अनुरोध को डीएसएसएसबी ने स्वीकार कर लिया और भर्ती की प्रक्रिया एक वर्ष में पूरी कर ली जाएगी।