अदालत ने दिल्ली दंगे के एक मामले में आगजनी और लूटपाट के छह आरोपियों को पर्याप्त सबूत के अभाव में बरी कर दिया। यह मामला गोकुलपुरी थाने का है जिसमें दो शिकायतों के आधार पर दंगा करने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने कहा कि आरोपी साहिल, दिनेश, टिंकू, संदीप, विकास कश्यप और सोनू के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। मामले में सिपाही व उप निरीक्षक दो गवाह थे, जिन्होंने घटना के समय मौजूद रहने का दावा किया था, लेकिन दोनों के बयान में काफी अंतर है।
ऐसे में माना जा सकता है कि घटना दंगाई भीड़ के कारण हुई होगी। इस कारण सभी छह आरोपियों को सभी आरोपों से बरी किया जाता है। इन पर वर्ष 2020 में 24 व 25 फरवरी रात में भागीरथी विहार की एक दुकान पर हमला करने और लूटपाट करने वाली दंगाई भीड़ में शामिल होने का आरोप था। यह भी आरोप था कि 24 फरवरी की रात नौ बजे के आसपास एक घर में आगजनी, हमला और लूटपाट की गई थी।