पीएम के 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने का फरमान ट्रांसपोर्ट पर भी पड़ता नजर आ रहा है। आलम यह है कि जिले के 95 प्रतिशत व्यवसायिक वाहनों के पहिए छोटे या नए नोटों की कमी की वजह से थम गए। यही नहीं निजी बसों में भी कमोबेश यही हालात हैं। अब ट्रांसपोर्टर हालात के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष वेदपाल चौधरी का कहना है कि बाजार में 100 रुपए के नोट की कमी ने उनका पूरा काम रोक दिया है। बड़े ट्रक नोएडा से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। चूंकि ट्रकों को बाहर भेजते समय ड्राइवर को 20 से 30 हजार रूपए खर्चे के लिए देना होता है। लेकिन यह रकम फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इस वजह से हालात बेकाबू हो गए हैं।
उनका कहना है कि लोकल स्तर पर तो पेट्रोल पंपों पर काम चलाया जा सकता है। लेकिन शहर से बाहर दूसरे राज्यों में गाड़ी भेजना बेहद मुश्किल है। उनका कहना है कि अधिकांश वाहन अपनी जगह पर खड़े हैं। अब जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक वाहन भेजना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।