596 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि 432 पुराने मामलों में भी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ दो दिन अभियान चलाकर 944 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऑपरेशन साइहॉक 6.0 के तहत बुधवार और बृहस्पतिवार को 283 पुलिस टीमों ने 17 राज्यों और पांच केंद्रशासित प्रदेशों में छापेमारी की। इस दौरान 1032 मामले दर्ज हुए तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की 4002 शिकायतों का निपटारा किया, जिनमें करीब 479.14 करोड़ रुपये की ठगी शामिल है। संयुक्त पुलिस आयुक्त चिन्मय बिस्वाल ने बताया कि अभियान में 788 लोगों को पाबंद किया और 2081 को नोटिस जारी किए गए। कुल 596 नई एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि 432 पुराने मामलों में भी कार्रवाई हुई। पुलिस टीमों ने ठगों के नेटवर्क को गहराई से निशाना बनाया।
सोना और क्रिप्टोकरेंसी भी जब्त : अभियान में आरोपियों के पास से 1037 फोन, 1301 सिम कार्ड, 106 लैपटॉप-कंप्यूटर, 397 एटीएम कार्ड, 325 आधार कार्ड और 37.67 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा छह सिम बॉक्स, 11 कारें, 10 दोपहिया वाहन, सोना और क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) भी जब्त किए गए।
चलती गाड़ी में साइबर ठगी का कॉल सेंटर : सबसे चौंकाने वाली घटना यह रही कि एक अवैध कॉल सेंटर चलती गाड़ी से ही चलाया जा रहा था। द्वारका, दक्षिण-पश्चिम और पूर्वी जिलों में ऐसे कई कॉल सेंटर पकड़े गए। फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोहों, बैंक कर्मचारियों और सिम एजेंटों पर भी कार्रवाई हुई। उत्तर-पश्चिम जिले में बैंक अधिकारियों तथा दक्षिण जिले में सेवा एजेंसियों के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया।
फर्जी कंपनियों से साइबर ठगी का खेल : जांच में सामने आया कि ठग फर्जी कंपनियां बनाकर बैंक खाते खुलवाते थे और उन्हें कमीशन पर साइबर अपराधियों को सौंप देते थे। फर्जी केवाईसी कॉल, निवेश योजनाओं, ऑनलाइन खरीदारी, शादी और लोन ऐप के जरिये लोगों को ठगने वाले गिरोहों पर भी शिकंजा कसा गया।
पिछले अभियान की तुलना में वृद्धि : पिछले अभियान की तुलना में इस बार नई एफआईआर में 24 प्रतिशत, शिकायतों के निपटारे में 46 प्रतिशत और अन्य राज्यों की शिकायतों पर कार्रवाई में 57 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पुलिस का आग्रह है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।