जिला प्रशासन के अधिकारी उस समय हैरान रह गए जब एक 90 साल का बुजुर्ग बंदूक के लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचा। एसडीएम ने बंदूक चलाने की रिपोर्ट लाने को कहा है। बेटा भी लाइसेंस नवीनीकरण न कराने की बात समझाता रहा, लेकिन बुजुर्ग मानने को तैयार नहीं हुआ।
दनकौर कोतवाली क्षेत्र के गांव ठसराना के रहने वाले 90 साल की उम्र के डब्बल लाल शर्मा पुत्र प्यारेलाल शर्मा बेटे का सहारा लेकर सूरजपुर जिला मुख्यालय पहुंचे। उनका बंदूक का लाइसेंस रिन्युअल होना है। बंदूक का लाइसेंस 16 अप्रैल 1969 को बुलंदशहर जिले से बनवाया गया था।
नवीनीकरण की प्रक्रिया आसान होने के चलते अब तक कोई दिक्कतें नहीं आई। उनके लाइसेंस की वैध अवधि 31 दिसंबर 2016 तक है। नवीनीकरण के लिए शस्त्र विभाग में अर्जी दी गई थी। अर्जी पर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट लगा दी है। नवीनीकरण के लिए निर्धारित शुल्क 1500 रुपये भी सरकारी खाता में जमा हो चुका है।
रिपोर्ट के लिए उपजिलाधिकारी सदर राजेश कुमार के यहां लंबित है। लाइसेंसधारी ने नवीनीकरण के लिए उपजिलाधिकारी से मिलकर आग्रह किया। आंखों से कम दिखाई देने, ऊंचा सुने और चलने में दिक्कत होने के चलते उपजिलाधिकारी ने मेडिकल रिपोर्ट लाने और बंदूक से फायरिंग करने में सक्षम होने की रिपोर्ट पुलिस से लाने के लिए कहा है।
60 साल से अधिक आयु होने पर लाइसेंस को नवीनीकरण कराने के लिए अब मेडिकल रिपोर्ट, आधार कार्ड, पुलिस द्वारा शस्त्र चलाने का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। डब्बल लाल शर्मा से भी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही नवीनीकरण करने या न करने पर विचार किया जाएगा। - राजेश कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर।