दिल्ली में अगर आप किसी पीवीआर में सिनेमा देखने जाते हैं तो फिल्म से पहले आपको 90 सेकेंड की एक क्लिप दिखाई जाएगी जिसके कंटेंट को लेकर किसी को भी आपत्ती हो सकती है।
असल में इस वीडियो क्लिप को आतंकवाद के खिलाफ संदेश देने के लिए बनाया गया है। इसमें एक शख्स को दिखाया गया है जिसने काले और सफेद रंग की टोपी पहन रखी है। वहीं एक दूसरे शख्स को दिखाया जाता है जो तिरंगे के रंग की टोपी पहने हुए है।
सफेद-काली टोपी वाला शख्स तिरंगे रंग की टोपी पहने शख्स को इस बात के लिए प्रेरित करता है कि वह विस्फोटक पदार्थ को अपने पास छुपा ले। इसके बदले वह पैसे देने का लालच भी देता है।
इसमें एक को अच्छा मुसलमान बताया गया है जबकि दूसरे को बुरा मुसलमान। तिरंगे वाली टोपी पहना शख्स विस्फोटक रखने से इंकार कर देता है और देश प्रेम और सच्चे इस्लाम की बातें करता है।