फर्जी बिलों के आधार पर 90 करोड़ की टैक्स चोरी का बड़ा मामला पकड़ा गया है। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीएसटीआई) की टीम ने राधा कृष्ण एंक्लेव निकट डासना फ्लाईओवर स्थित गोदाम से आरोपी व्यापारी राजेश गोयल को गिरफ्तार किया है। उसे शुक्रवार को मेरठ में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (आर्थिक अपराध) की कोर्ट में पेश किया गया। जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उधर, टीम मामले से जुड़े अन्य लोगों की धरपकड़ में दबिश दे रही है।
डीजीजीएसटीआई को जानकारी मिली कि न्यू पंचवटी निवासी राजेश गोयल फर्जी तरीके से फर्म बनाकर टैक्स चोरी के धंधे में लगा है। पुख्ता इनपुट पर डासना स्थित गोदाम पर छापा मारा। छानबीन से पता चला कि राजेश गोयल ने विभिन्न पतों पर 50 से अधिक फर्में बना रखी है, जिनके जरिए एक हजार से अधिक फर्मों को लोहा, कॉपर व अन्य उत्पादों की बिक्री दिखाई गई है।
खरीद-बिक्री सिर्फ कागजों में थी, ताकि इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया जा सके। जुलाई 2017 के बाद सारी कंपनियां बनाई गईं और जिन कंपनियों को सप्लाई किया जा रहा था, वह सभी दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी की हैं। पौने दो साल में 400 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर (खरीद-बिक्री) दिखाया गया, जिसके जरिए 90 करोड़ की शुद्ध जीएसटी चोरी की गई।