पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार से शनिवार को नौ लड़कियों को आजाद करवाया गया, जिन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली लाया गया था।
नाबालिग लड़कियां घरों में काम करती थी, लेकिन उनके परिवारों को वेतन नहीं भेजा जाता था, बल्कि प्लेसमेंट एजेंसियां अपने पास रख लेती थी।
बचपन बचाओ आंदोलन के चेयरपर्सन आरएस चौरसिया के मुताबिक, सूचना मिली थी कि प्लेसमेंट एजेंसी ने कई घरों में नाबालिग लड़कियों को नौकरी पर रखा है।