उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के बाद कई लोगों ने जहां अपनी जान गंवा दी हैं वहीं, कई लोग लापता हो गए। 13 साल की कुसुम (बदला हुआ नाम) की सोमवार को खजूरी खास के स्कूल में परीक्षा थी। वह पेपर देने निकली थी, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चला है।
इसी तरह लोनी (गाजियाबाद) निवासी शाहबाज (22) भी मंगलवार को आंख का इलाज कराने दिल्ली आया था, लेकिन वह भी लापता है। परिजनों ने मोर्चरी के अलावा आसपास के सभी अस्पतालों में उसकी तलाश की। थक हारकर परिवार ने बृहस्पतिवार को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
शाहबाज अपने परिवार के साथ लोनी के हुसैन विहार में रहता है। उसके परिवार में पिता शफी अहमद, मां, छह बहनें और दो भाई हैं। शाहबाज के भाई मतलू ने बताया कि उसका भाई वेल्डिंग का काम करता है। मंगलवार सुबह उसकी आंख में वेल्डिंग करते हुए चिंगारी लग गई थी, जिसकी वजह से उसे काफी दिक्कत हो रही थी।
वह इलाज कराने की बात कहकर दिल्ली के लिए निकला था। इसके बाद वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी पता नहीं चला तो बृहस्पतिवार दोपहर शाहबाज की मां व भाई जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। यहां तक कई अस्पतालों में उसकी तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया।
दूसरी ओर सोनिया विहार की रहने वाली कुसुम घर से साढ़े चार किलोमीटर दूर पेपर देने के लिए सोमवार दोपहर को खजूरी खास के स्कूल गई थी। वह आठवीं कक्षा में पढ़ती है। इस बीच इलाके में दंगा हो गया। पिता को बेटी को लेने जाना था, लेकिन वह बलवे के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाया।
बाद में शाम के समय वह किसी तरह स्कूल पहुंचा तो पता चला कि बेटी वहां से निकल चुकी थी। सोमवार से ही कुसुम का कोई पता नहीं चल पा रहा है। परिजन उसकी तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहा है।