अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार के पास एन-95 गुणवत्ता के मास्क व किट पर्याप्त हैं। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। निजी संस्थानों के बारे में पता किया जा रहा है कि वहां क्या हालात हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसकी कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। केजरीवाल ने बताया कि बैठक में सभी विभागों को उनके काम व जिम्मेदारियां बता दी गई हैं। सभी विभागों को कहा गया है कि वह इससे जुड़े मामलों को इमरजेंसी के तौर पर लें। कोरोना का वायरस तेजी से फैलता है, समय रहते नियंत्रित न कर पाने पर आगे बहुत मुश्किल रहती है।
कोरोना के नोडल अस्पताल कर रहे काम
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि एयरपोर्ट पर जिस भी यात्री में कोरोना वायरस के लक्षण मिल रहे हैं, उन सभी लोगों को अभी राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। सफदरजंग भी नोडल अस्पताल है। इसके अलावा हमने दिल्ली सरकार के 19 अस्पतालों और 6 प्राइवेट अस्पतालों में भी इस बीमारी से ग्रसित लोगों के इलाज के लिए क्षमता विकसित की है। इन अस्पतालों में भी आइसोलेशन बेड और आइसोलेशन वार्ड बना रहे हैं। अगर जरूरत पड़ी तो इन अस्पतालों की भी मदद ले सकेंगे। केजरीवाल ने बताया कि अभी तक जांच के लिए दो लैब हैं। एक एम्स में और दूसरी एनसीडीसी की लैब है। दोनों लैब में 250-250 सैंपल की प्रतिदिन जांच की जा सकती है। फिलहाल दो लैब पर्याप्त हैं। इसके बावजूद लेडी हार्डिंग में भी एक लैब चालू हो जाएगी। जरूरत पड़ने पर हम एलएनजेपी में भी एक लैब चालू कर देंगे।
स्कूलों में बच्चों को किया जाएगा जागरूक
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि सरकार की कोशिश जागरूकता फैलाने की है। शिक्षा विभाग से कहा गया है कि सभी स्कूलों के बच्चों में कोरोना वायरस के बारे में जागरूकता पैदा करें। इसके अलावा हर विभाग की जिम्मेदारी तय की गई है। स्टेट लेवल टास्क फोर्स सबकी जवाबदेही तय करेगी कि किसने क्या-क्या काम किया।