इससे पहले 123 किसानों को रिहा किया जा चुका
वहीं, बीटा-2 कोतवाली में दर्ज एक अन्य मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोर्ट ने बीटा-2 थाने में दर्ज 44 किसानों की रिहाई का आदेश हुआ है। इसमें जमानत के लिए जरूरी बांड अब सिर्फ किसानों की ओर से दाखिल किया जाना बाकी है। किसानों की लड़ाई के लिए आगे भी लड़ाई जारी रहेगी। बता दें कि इससे पहले 123 किसानों को रिहा किया जा चुका है। लेकिन किसानों के खिलाफ पहले कई मामले दर्ज होने के कारण अबतक सिर्फ आट किसान ही जेल से बाहर आ पाए हैं।
100 लोगों ने जेल पहुंचकर की मुलाकात
लुक्सर स्थित जेल में वर्तमान में 128 किसान विभिन्न मामले में बंद है। कई किसानों को जमानत मिल गई है लेकिन उनके खिलाफ पहले से दूसरी जगह मामले दर्ज होने के कारण जमान नहीं मिल पाई है। सोमवार को 100 लोगों ने जेल में बंद किसानों से मुलाकात की। इनमें किसानों के परिजन और उनके साथी अधिवक्ता मौजूद रहे। उधर, ग्रेटर नोएडा के परी चौक और जीरो प्वाइंट, प्रमुख धरना स्थल पर किसानों के पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। जेल अधीक्षक बृजेश कुमार ने बताया कि रिहाई संबंधी परवाना मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की समस्या को लेकर पीएम को लिखा पत्र
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिले के किसानों की समस्या को लेकर पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि गौतमबुद्धनगर के किसान भूमि अधिग्रहण को लेकर अपनी जमीन का मुआवजा मांग रहें हैं। उन्हें मुआवजा न देकर जेल में बंद कर दिया गया है।
महिला किसानों के साथ में दुर्व्यवहार किया गया, जिसने सभी की अंतरात्मा को अंदर से झकझोर दिया है। इस कठिनाई के दौर से गुजर रही खेती, किसानी और ग्रामीण परिवेश को बचाने के लिए देश के प्रधानमंत्री होने के नाते इन सभी विषयों का संज्ञान लेते हुए किसान हित में एक उत्तम निर्णय लेने का कष्ट करें। जिससे देश का किसान आने वाले समय में खुशहाल हो सके।