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कैसे हरिराम तक पहुंची पुलिस?: 81 साल के मालिक ने हादसे के बाद बंद किया था मोबाइल, 10 टीमें लगीं तो दबोचा गया

Mon, 07 Sep 2026 08:44 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पीजी हादसे के बाद फरार हरिराम गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश भी पकड़े गए। पीजी का संचालन हरिराम-महेश करते थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी हरिराम - फोटो : X @ANI
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विस्तार
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पीजी हादसे के बाद फरार हुए 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया। मामले में उसकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटे महेश गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में पीजी चल रहा था, वह उर्मिला गुप्ता के नाम थी, जबकि उसके संचालन और प्रबंधन में हरिराम और महेश की भूमिका थी। इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन भी हरिराम के नाम पर हैं।

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दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के मुताबिक, हादसे की सूचना मिलते ही हरिराम ने मोबाइल फोन बंद कर दिया और अपना ठिकाना बदल लिया। पुलिस को आशंका थी कि वह देश छोड़कर भाग सकता है। इसके बाद उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया गया। साथ ही उसका विवरण एयरपोर्ट और आसपास के राज्यों की पुलिस को भेजा गया।

आरोपी की तलाश में 10 टीमें लगाई गईं। दिल्ली पुलिस की विभिन्न इकाइयों के साथ टीमों ने राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई जगह दबिश दी। साउथ कैंपस थाने में गैर इरादतन हत्या, भवन के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा खतरे में डालने समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है।

किसकी थी कितनी जिम्मेदारी?
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भवन के रखरखाव, मरम्मत और पीजी संचालन से जुड़े फैसले कौन लेता था। पीजी संचालकों और लेबर ठेकेदार की तलाश भी जारी है। जांच में उनकी भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

गुरुग्राम में भी पुलिस ने दी थी दबिश, घर-दुकान पर मिला ताला
हरिराम गुप्ता की तलाश में दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम के सेक्टर-23 स्थित मकान नंबर 271एफ पर दबिश दी। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में घर के आसपास निगरानी करते रहे। हादसे के बाद से हरिराम परिवार समेत घर और पेंट की दुकान बंद कर भूमिगत हो गया था।
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सोमवार को अमर उजाला की टीम पहुंची तो घर पर ताला मिला। एक युवती चाबी लेकर पहुंची, लेकिन मीडिया की मौजूदगी देखकर बिना ताला खोले लौट गई। स्थानीय लोगों को इसी दौरान हादसे में मालिक की भूमिका और उसके यहां रहने की जानकारी मिली।
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