500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने का असर सबसे ज्यादा बाजारों में दिख रहा है। ग्राहक तो परेशान हैं ही लेकिन दुकानदारों को भी सरकार के इस कदम ने रुला दिया है। इस वजह से बाजारों में रौनक चली गई है। प्रस्तुत है अमर उजाला संवाददाता नेहा शर्मा और फोटोग्राफर राजन राय की रिपोर्ट..
शाम तीन बजे हरौला मार्केट:
यहां के मार्केट में खरीदार नजर ही नहीं आ रहे थे। जहां पहले शाम के समय पैर रखने तक की जगह नहीं होती थी, वहां पर ढूंढने से भी ग्राहक नहीं दिख रहा था। ये हाल शहर की तमाम मार्केटों का है। दुकानदारों को समझ नहीं आ रहा है कि वो कैसे इस स्थिति से उभरें। दुकानदारों के पास कई दिन पुराना माल रखा हुआ है। लेकिन बिक ही नहीं रहा है। लिहाजा वह सस्ती दर पर भी सब्जी दे रहे थे।
शाम चार बजे इंद्रा मार्केट:
यहां के बाजार में 100 रुपए के नोट की कमी से खरीदार नजर नहीं आए। यहां सब्जियों का बड़ा बाजार है। लेकिन खरीदार नहीं होने से यहां की सब्जियां खराब हो रही हैं। दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। नया माल खरीदने के लिए उनके पासा पैसा नहीं है। सभी मार्केट में सन्नाटा छाया हुआ है।