बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक कमरे में रहना और गलत खान-पान मुख्य वजह
-बच्चों के विकास पर भी पड़ सकता है असर
सोनम प्रतिहस्त
नई दिल्ली। भारत को धूप की प्रचूरता वाला देश है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग विटामिन-डी की कमी से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक घर और ऑफिस के अंदर रहना तथा खानपान की गलत आदतें इसकी मुख्य वजह बन रहीं हैं। इसका असर खासतौर पर युवाओं, महिलाओं और बच्चों में देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल लोग सुबह से शाम तक घर, ऑफिस या अन्य बंद जगहों में रहते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती। धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल भी शरीर में विटामिन-डी बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। जंक फूड भी इस समस्या को बढ़ा रहा है।
युवाओं और महिलाओं में बढ़ रहा कमर-घुटने का दर्द
डॉक्टरों के मुताबिक विटामिन-डी की कमी का असर हड्डियों और मांसपेशियों पर पड़ता है। इसके कारण कमर, घुटनों व पीठ में दर्द और जल्दी थकान जैसी समस्याएं बढ़ रहीं हैं। कम उम्र के युवा भी जोड़ों के दर्द और हड्डियों की कमजोरी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों में विटामिन-डी की कमी होने से उनकी हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और शारीरिक विकास प्रभावित हो सकता है। लंबे समय तक कमी रहने पर हड्डियों से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।
धूप और संतुलित आहार से बचाव संभव
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि शरीर में विटामिन डी का स्तर बनाए रखने के लिए रोजाना कुछ समय सुबह की धूप लेना जरूरी है। 80 प्रतिशत लोग विटामिन-डी की कमी से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि दूध, अंडा, मछली, मशरूम और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का सेवन भी लाभदायक होता है। लगातार हड्डियों में दर्द, कमजोरी या थकान महसूस होने पर उन्होंने जांच की सलाह दी।