पीठ के आदेश को चुनौती
बस्ती में रहने वाले करीब 700 परिवारों ने 11 मई को आए एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी है। उनके अनुसार, उन्हें करीब 45 किलोमीटर दूर सावदा घेवरा भेजा जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास पास रहते हैं लोग
वहां बसने पर उनकी आजीविका पर असर पड़ेगा, क्योंकि ज्यादातर लोग प्रधानमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में छोटे मोटे काम करके परिवार चलाते हैं। बृहस्पतिवार को हुई कार्रवाई के बाद कई परिवारों ने अपने घरों से दरवाजे, खिड़कियां, टीन की चादरें और अन्य सामान निकालना शुरू कर दिया है। उन्हें डर है कि कभी भी उनके घर तोड़े जा सकते हैं।
'अंग्रेजों के वक्त से रह रहे यहां'
बस्ती निवासी शान खान ने बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से यहां रह रहा है। उन्होंने बताया कि हम यहां अंग्रेजों के समय से रह रहे हैं। हमारे परिवार के लोग यहीं पैदा हुए और यहीं उनकी मौत हुई। अब हमें यहां से जाने के लिए कहा जा रहा है।