उत्तर रेलवे के गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर मंगलवार को साहिबाबाद के पास एक मालगाड़ी के छह डिब्बे पटरी से उतर गए। इस दुर्घटना से रेलवे का परिचालन दिनभर बुरी तरह प्रभावित रहा। विभिन्न मार्गों की करीब 70 ट्रेनों के संचालन में बदलाव करना पड़ा, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी हुई। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली मंडल के मंडल रेल प्रबंधक, अपर मंडल रेल प्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। रेलवे की इंजीनियरिंग, परिचालन और तकनीकी टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बहाली कार्य में जुट गईं। पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने और क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत का काम पूरे दिन चला। रेलवे ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
उत्तर रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) और रेलवे हेल्पलाइन 139 के माध्यम से अवश्य जांच लें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित रेलखंड पर बहाली का कार्य लगातार जारी है। ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही नियमित रेल सेवाएं सामान्य रूप से बहाल की जाएंगी।
ट्रेनों के संचालन पर व्यापक असर : रेलवे के अनुसार, दुर्घटना के कारण 16 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। 24 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया। पांच ट्रेनों को आंशिक रूप से निरस्त किया गया और आठ ट्रेनों को नियंत्रित कर चलाया गया। इस हादसे के कारण गाजियाबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-गाजियाबाद, दिल्ली-साहिबाबाद और साहिबाबाद-दिल्ली के बीच चलने वाली कई ईएमयू लोकल ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं।
इससे दिल्ली-एनसीआर के हजारों दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारिक यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा या सड़क मार्ग से सफर के लिए अतिरिक्त खर्च और समय देना पड़ा।
वैकल्पिक मार्गों से परिचालन
रेलवे ने कई ट्रेनों का मार्ग बदलकर परिचालन जारी रखा। कुछ ट्रेनों को दिल्ली-नई दिल्ली के बजाय वैकल्पिक रेलमार्ग से चलाया गया। लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों को टुंडला, आगरा कैंट और पलवल होकर गंतव्य तक भेजा गया। कई ट्रेनों को रास्ते में रोककर नियंत्रित गति से चलाया गया, जिससे उनके निर्धारित समय में काफी देरी हुई।
अलीगढ़, हाथरस और दनकौर क्षेत्र के यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ गईं। 64109 दनकौर-शकूरबस्ती ईएमयू पूरी तरह रद्द कर दी गई, जबकि 64581 हाथरस किला-दिल्ली जंक्शन और 64105 अलीगढ़ जंक्शन-नई दिल्ली ईएमयू को दादरी स्टेशन पर ही समाप्त किया गया।
कई राज्यों के यात्री प्रभावित
हादसे का असर केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं रहा। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पंजाब और झारखंड जाने-आने वाले यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रभावित प्रमुख ट्रेनों में गोल्डन टेंपल मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, महाबोधि एक्सप्रेस, नंदा देवी एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, श्रमशक्ति एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, लखनऊ मेल, प्रयागराज एक्सप्रेस, तेजस राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति शामिल रहीं।
सात ट्रेनें रद्द, एक का मार्ग बदला
साहिबाबाद मालगाड़ी हादसे का असर रेल परिचालन पर शाम तक देखने को मिला। उत्तर रेलवे ने सात ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि एक ट्रेन का मार्ग बदलकर चलाया जा रहा है। रद्द की गई ट्रेनों में दिल्ली जंक्शन-पानीपत, पानीपत-गाजियाबाद, नई दिल्ली-गाजियाबाद, गाजियाबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-अलीगढ़, दिल्ली जंक्शन हाथरस और शकूरबस्ती-डानकुनी हैं। इसके अलावा मेरठ सिटी-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस का 21 जुलाई का संचालन निर्धारित था, उसे साहिबाबाद, दिल्ली जंक्शन और दिल्ली किशनगंज के रास्ते डायवर्ट किया गया है।