फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कंट्रोल रूम में महिला सिपाही से बोला 'I LOVE YOU'

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद में गलत संगत की वजह से हमारे नौनिहाल किस तरफ जा रहे हैं, इसकी बानगी सोमवार को दिखी। तीन दिन से पुलिस कंट्रोल में सात साल का बच्चा फोन कर महिला सिपाहियों को परेशान कर रहा था। उसने 14 बार कंट्रोल रूम में कॉल की।
विज्ञापन


‘आई लव यू’ बोला और डांटने पर गालियां भी दीं। सोमवार सुबह पुलिस ने बच्चे की लोकेशन ट्रेस कर उसे और उसके पिता को जस्सीपुरा से पकड़ लिया। वह अपनी दादी के मोबाइल से कॉल कर रहा था। बाद में उन्हें हिदायत देकर छोड़ दिया। इस दौरान बच्चे के परिजनों ने नगर कोतवाली में हंगामा किया और पुलिस पर छोड़ने के एवज में पैसे मांगने का आरोप लगाया।

एसपी कंट्रोल रूम कमलेश बहादुर ने बताया कि बच्चे ने तीन दिन में 13-14 बार कॉल्स कीं। वह गालियां देता और अभद्र बातचीत करता था। सोमवार को भी उसने ऐसा किया। सिपाही ने कॉल डिस्कनेक्ट की, लेकिन बच्चा नहीं माना। बच्चे को पकड़कर पुलिस ले जाने लगी तो उसके परिजनों और आस पड़ोस के लोगों ने हंगामा किया। हंगामे के बावजूद मासूम को पुलिस अपने साथ ले गई। इसके बाद उससे पूछताछ की और परिजनों को सौंपा। बच्चे के पिता से भी पुलिस ने पूछताछ की। हिदायत देकर छोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिजन बोले, बच्चे से कोई व्यक्ति करा रहा था कॉल्स

परिजनों का कहना है कि बच्चा मासूम है। वह पहली कक्षा में पढ़ता है। अंदेशा है कि कोई व्यक्ति उससे 100 नंबर पर कॉल कराकर उससे इस तरह की बातें करा रहा था। पुलिस जांच कर रही है।

समाजशास्त्री डॉ. जेएल रैना ने बताया कि इस तरह के मामले टीवी-इंटरनेट की संस्कृति और पारिवारिक संस्कारों की कमी का नतीजा हैं। छोटी उम्र में ही बच्चे बहुत कुछ देख और सुन लेते हैं, वह इसे दूसरे पर जाहिर करते हैं।

इसके लिए मौके तलाशते हैं। माता-पिता या बड़ों से छिपकर उन्हें जहां मौका मिलता है, वह जाहिर कर देते हैं। इन सबके पीछे अभिभावक भी जिम्मेदार हैं। एकल परिवार और पाश्चात्य संस्कृति की तर्ज का रहन-सहन, बच्चों के चरित्र को प्रभावित कर रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें