अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सहयोगी छोटा राजन समेत चार आरोपियों को फर्जी पासपोर्ट मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने सात-सात साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। यह पहला मामला है, जिसमें छोटा राजन को सजा सुनाई गई है।
सीबीआई का आरोप था कि छोटा राजन ने बंगलूरू पासपोर्ट कार्यालय के दोषी अधिकारियों से मिलीभगत कर 1998-99 में मोहन कुमार के नाम से फर्जी पासपोर्ट हासिल किया था।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज वीरेंद्र कुमार गोयल ने राजेंद्र सदाशिव निखलजे उर्फ छोटा राजन व तीन अन्य दोषियों को सात साल कैद व 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। राजन के अलावा इस मामले में अन्य दोषी बंगलूरू पासपोर्ट कार्यालय के पूर्व अधिकारी हैं।
सीबीआई अदालत ने राजन समेत चारों आरोपियों को धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, जालसाजी, कीमती सरकारी प्रतिभूति का फर्जीवाड़ा, आपराधिक साजिश व पासपोर्ट एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुये सजा सुनाई है। यह सभी सजा एक साथ चलेंगी।
अदालत ने छोटा राजन समेत चारों आरोपियों को सोमवार को दोषी करार दिया था। अदालत ने सीबीआई व बचाव पक्ष की अंतिम जिरह सुनने के बाद 28 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
बता दें कि छोटा राजन पर दिल्ली महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व गुजरात में हत्या, रंगदारी, ड्रग तस्करी के 70 से ज्यादा मामले विचारधीन है।