गाजियाबाद की सात कालोनियों में जल्द ही 40 से अधिक एकल यूनिटों पर चार मंजिला इमारतें बनेंगी। जीडीए ने संशोधित बायलॉज के अंतर्गत मिलने वाले नक्शों को पास करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
साथ ही जिन कालोनियों में चार मंजिला इमारतों के नक्शे पास किए गए हैं, वहां सुविधाओं के विकास के लिए अलग से फंड बनाया गया है।
पास किए गए नक्शों से मिलने वाले शुल्क को इसी फंड में सीधे भेजा जा रहा है। जल्द ही शहर की कई पॉश कालोनियों में लोगों को पार्किंग समेत कई सुविधाओं वाले बिल्डर फ्लैट मिलेंगे।
2014 में प्रदेश सरकार ने शहर में संशोधित बिल्डिंग बायलॉज को मंजूरी दी थी। इसके अंतर्गत विकास की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की कालोनियों का सर्वे जीडीए ने कराया था।
पहले चरण में कौशांबी, वैशाली, राजेंद्र नगर, इंदिरापुरम (नीति खंड, शक्तिखंड, न्यायखंड, अहिंसाखंड, ज्ञानखंड) इंद्रप्रस्थ, स्वर्णजयंतीपुरम और शालीमार गार्डन के कई सेक्टरों में नए बायलॉज के मुताबिक विकास की संभावनाएं मिलीं थीं। इन क्षेत्रों केलिए नक्शे पास किए जा रहे हैं।
जीडीए सीएटीपी इश्तियाक अहमद ने बताया कि एकल यूनिट पर चार मंजिला इमारतों के लिए अब तक करीब 40 नक्शों को मंजूरी दी जा चुकी है। इतने नक्शों के आवेदन का परीक्षण किया जा रहा है।
नक्शा मंजूर करने के साथ ही सड़क, सीवर, पानी आदि की सुविधाओं के विकास के लिए फंड भी संबंधित इंजीनियरिंग विभागों को ट्रांसफर किया जा रहा है।
सुविधाओं का विकास बहुमंजिला इमारतों के निर्माण के साथ-साथ कराया जाएगा। ताकि बढ़ी आबादी के सापेक्ष मूलभूत सुविधाएं भी मिल सकें।
जीडीए की कालोनियों का होगा सेटेलाइट सर्वे
खाली जमीनों की तलाश के लिए अब जीडीए ने सभी कालोनियों का सेटेलाइट सर्वे (जीआईएस) कराने फैसला किया है। सेटेलाइट सर्वे से प्राप्त तस्वीरों को रेवेन्यू और ले-आउट प्लान पर सुपर इंपोज करने की योजना है।
ऐसा होने के बाद कालोनियों में हुए वास्तविक और स्वीकृत निर्माणों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। सर्वे के जरिए मिली खाली जमीनों को नीलाम कर जीडीए अपनी आय बढ़ाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष विजय यादव ने बताया कि प्राधिकरण की सभी योजनाओं का सेटेलाइट सर्वे कराया जाएगा।
खाली पड़ी जमीनों को नीलाम किया जाएगा। इससे हुई आय से शहर के विकास कार्यों को गति प्रदान की जाएगी।शहर में विकसित आवासीय योजनाओं में बची जमीन की तलाश में जीडीए ने पूर्व में एक निजी कंपनी को सेटेलाइट सर्वे के लिए अनुबंधित किया था।
कंपनी ने पहले चरण में कौशांबी, वैशाली और इंदिरापुरम योजनाओं का सेटेलाइट सर्वे किया। सेटेलाइट सर्वे के परिणामों से उत्साहित जीडीए ने सभी कालोनियों का सर्वे कराने का निर्णय लिया है।
जीडीए उपाध्यक्ष विजय यादव ने बताया कि प्राधिकरण की सभी योजनाओं का सेटेलाइट सर्वे कराया जाएगा। खाली पड़ी जमीनों को नीलाम किया जाएगा। इससे हुई आय से शहर के विकास कार्यों को गति प्रदान की जाएगी।