ऐसे पकड़े गए सभी आरोपी
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच करते हुए टीम ने एक बाइक की पहचान की। टीम करावल नगर स्थित श्रीराम कालोनी पहुंची। वहां बाइक का मालिक सरफराज हुसैन मिला। उसने बताया कि बाइक उसने अपने जानकार सलमान को दी थी। इसके बाद टीम ने छानबीन के बाद सलमान को दबोच लिया।
सलमान ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने जावेद, साहिल, रोहित और निखिल के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी सलमान के पास से वारदात में इस्तेमाल बाइक और आठ लाख रुपये बरामद हुए। इसके बाद 5 अप्रैल को साहिल और जावेद को गिरफ्तार किया गया। साहिल के पास से लूटे गई आठ लाख रुपये और लूटे गए रुपयों से खरीदा गया एक आईफोन बरामद हुआ।
वहीं जावेद के पास से चार लाख रुपये और दो आईफोन बरामद हुए। इसके बाद आरोपी निखिल कुमार मीणा को भी 6 अप्रैल को एफआरएस सिस्टम का इस्तेमाल करके दबोचा गया। उसके पास से लूटे गए 2.5 लाख रुपये और लूटे गए रुपयों से खरीदा गया एक मोबाइल बरामद हुआ। इसके बाद 11 अप्रैल को रोहित उर्फ हिमांशु और 25 अप्रैल को फरमान को भी गिरफ्तार कर 6 लाख बरामद कर लिए गए।
दिल्ली पुलिस के हवलदार ने रची थी पूरी साजिश
पुलिस की पूछताछ में आरोपी फरमान ने बताया कि वह समय सिंह मीणा नामक दिल्ली पुलिस के हवलदार से मिला था। उसने लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए कुछ लोगों का इंतजाम करने को कहा। बाद में सलमान ने साहिल और उसके साथियों की मुलाकात समय सिंह और निखिल मीणा से करवाई। समय सिंह के कहने पर साहिल और उसके साथियों को कीर्ति नगर भेजा।
इसके बाद आरोपी पीड़ितों का पीछा करते हु आजाद मार्केट के पास रेलवे अंडरपास पहुंचे और वारदात को अंजाम दे दिया गया। बाद में आरोपियों ने आपस में रकम का बंटवारा कर लिया। इसके बाद सभी आरोपी फरार हो गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी आरोपियों की मनाली, गोवा, दिल्ली और मुख्य आरोपी की दौसा राजस्थान से गिरफ्तारी हुई।
निखिल, साहिल और सलमाल के खिलाफ पहले से एक-एक मामला दर्ज है जबकि समय सिंह मीणा के खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज हैं। सभी मामले लूट के हैं। आरोपी समय सिंह पहले भी लूट के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।