-बुजुर्ग महिला दिल्ली-एनसीआर में कर रही थी अवैध हथियारों की तस्करी
-आरोपी महिला पर बैंक में लूटपाट का भी मामला पहले से हैं दर्ज, गैंगस्टरों से रहा है नाता
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों की तस्करी में सक्रिय 67 वर्षीय महिला को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रामबिरी निवासी हस्तिनापुर, मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से चार पिस्टल और तीन मैगजीन बरामद की है।
पुलिस के अनुसार आरोपी महिला अपनी उम्र को ढाल बनाकर लंबे समय से कानून से बचती रही। वह बुजुर्ग होने का फायदा उठाकर ट्रेन से मध्य प्रदेश जाती थी, जहां से हथियार खरीदकर कर उन्हें दिल्ली और मेरठ तक लाती और गैंगस्टरों और शातिर अपराधियों को सप्लाई करती थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि हथियारों की यह खेप हाल के महीनों में आपराधिक वारदातों के लिए इस्तेमाल की जानी थी। स्पेशल सेल के अधिकारियों के मुताबिक हथियारों की तस्करी में शामिल गिरोहों पर नजर रखी जा रही थी। तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर टीम ने बुजुर्ग महिला की गतिविधियों को ट्रैक किया और मौके पर दबोच लिया।
बैंक लूट से लेकर संगठित अपराध तक का सफर
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रामबिरी का आपराधिक इतिहास नया नहीं है। उसके पति की 2003 में मौत के बाद वह एक शातिर अपराधी के संपर्क में आई और धीरे-धीरे संगठित अपराध का हिस्सा बन गई। वर्ष 2008 में वह गुरुग्राम में 1.48 करोड़ रुपये की बैंक लूट में शामिल रही। इसी साल उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के ज्वालापुर क्षेत्र में हुई बैंक लूट में भी उसकी भूमिका सामने आई थी। वर्ष 2009 में दिल्ली के कमला मार्केट इलाके में बैंक लूट के प्रयास के मामले में भी उसका नाम सामने आया। लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसी वर्ष स्पेशल सेल थाने में संगठित अपराध नियंत्रण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस केस में रामबिरी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जहां वह करीब आठ साल तक जेल में रही।
जेल से छूटने के बाद बदला तरीका, राह नहीं
पुलिस ने कहा कि 2017 में जेल से रिहा होने के बाद रामबिरी ने दोबारा अपने पुराने संपर्कों से नाता जोड़ा, लेकिन इस बार उसने सीधे वारदात करने के बजाय अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त को अपना जरिया बनाया। उम्र अधिक होने के कारण वह शक के दायरे से बाहर रहती थी और इसी का फायदा उठाकर तस्करी का नेटवर्क चला रही थी। बरामद हथियारों के स्रोत, सप्लायर और खरीदारों को लेकर पूछताछ जारी है।