तीनों नगर निगम के चुनाव में भाजपा की भारी जीत के बाद अधिकारियों ने पार्टी के एजेंडे को आगे बढ़ाने के बजाए उसके उलट कार्य करना आरंभ कर दिया। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने सोमवार को मजदूर दिवस पर अस्थायी तौर पर कार्यरत 66 नर्सों को नौकरी से निकाल दिया।
इन नर्सों ने वर्ष 1998 से 2013 के बीच कार्य करना शुरू किया था। वहीं, नगर निगम ने 46 अन्य अस्थायी तौर पर कार्यरत नर्सों को अगले सोमवार से हटाने का निर्णय लिया है। खास बात यह है कि भाजपा ने नगर निगम चुनाव में नर्सों समेत अन्य अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था।
नौकरी से हटाए जाने के संबंध में सभी 66 नर्सों ने शुक्रवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी से मुलाकात की थी। तिवारी ने 24 घंटे में उनको नौकरी से हटाने का आदेश रद्द कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन आदेश रद्द नहीं हुआ और सोमवार को सभी 66 नर्सों को नौकरी से निकाल दिया गया।