नए कृषि कानूनों को रद्द कराने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी आदि मांगों को लेकर चल रहा किसान आंदोलन अब एक मोड़ पर आकर ठिठक गया है। केंद्र सरकार कानून रद्द करने के लिए तैयार नहीं है और किसान भी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना चुके हैं। वहीं, आंदोलन को तोड़ने के लिए गोपनीय स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को गाजीपुर बॉर्डर पहुंचने के आह्वान के बाद बुधवार रात ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा में 65 से अधिक खाप चौधरियों व थांबेदारों को नजरबंद कर दिया गया। 20 घंटे तक पुलिस-प्रशासन ने उनके घरों के बाहर पहरा लगाए रखा।
राजधानी के सिंघु, गाजीपुर, टीकरी और चिल्ला बॉर्डर पर पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड के किसान डटे हुए हैं। दिल्ली में प्रवेश से पहले ही दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कड़े इंतजाम कर रखे हैं। निर्वाल खाप भारत चौधरी बाबा राजवीर सिंह मुंडेट ने बताया कि किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा के खाप चौधरियों ने भी बृहस्पतिवार को दिल्ली कूच का आह्वान किया था, लेकिन इससे पहले ही उन पर पाबंदी लगा दी गई।
रातों-रात स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत आदि इलाकों में 65 से ज्यादा चौधरियों को नजरबंद कर दिया। इनमें उत्तर प्रदेश के एक दर्जन से अधिक प्रमुख थांबेदार चौधरी भी हैं।
चकमा देकर धरने पर पहुंचे कई चौधरी
राजवीर सिंह ने बताया कि पुलिस-प्रशासन का पहरा होने के बाद भी कुछ खाप चौधरी और थांबेदार गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए। बुधवार रात उनके घरों के बाहर पुलिसकर्मी बैठे रहे और वह अपने मकानों के पिछले दरवाजों से होकर किसानों के बीच पहुंचे।
सर्विलांस पर लगाए मोबाइल नंबर
आरोप लगाया कि किसान आंदोलन को खत्म करने के लिए घिनौनी साजिश रची जा रही है। किसान नेताओं के अलावा अब खाप चौधरी भी केंद्र के निशाने पर आ गए हैं। राजवीर सिंह के मुताबिक, इसलिए उन पर भी नजर रखी जा रही है। उनके और उनके परिवारों के मोबाइल तक सर्विलांस पर लगाए गए हैं। हर कॉल रिकॉर्ड की जा रही है।
टिकैत ने की किसानों के साथ डटे रहने की अपील
गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत ने खाप चौधरियों और अन्य लोगों से अपील की है कि वह किसानों के साथ डटे रहें। खापों का इतिहास रहा है कि वे हमेशा से किसानों के साथ रही हैं। उत्तर प्रदेश और हरियाणा की खाप पूरा समर्थन दे चुकी हैं। अब पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है।