मौतों से सहमा गांव
टपकन गांव में लगातार बढ़ रही मौतों की संख्या ने ग्रामीणों को चिंता में डाल दिया है। हर घर में बीमारी का डर है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बीते पांच साल में 64 लोगों की मौत ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। सरपंच प्रतिनिधि मोहसिन का कहना है कि कैंसर से 15, टीबी की बीमारी से 24 व हार्ट अटैक से 25 लोगों की जान जा चुकी है।
बीमारियों का बढ़ता प्रकोप
ग्रामीण मैनुद्दीन, मुमताज, साबिर हुसैन, सद्दाम व पूर्व सरपंच ताज मोहम्मद का कहना है कि गांव में टीबी, सांस की बीमारी, खाज-खुजली, कैंसर और हार्ट अटैक के मरीज तेजी से बढ़े हैं। लोग इसे सीधे तौर पर प्रदूषण से जोड़ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है।
मीट फैक्टरी पर गंभीर आरोप
गांव की सरपंच गोसिया खातुन का कहना है कि मीट फैक्टरी में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। फैक्टरी से निकलने वाला मल-मूत्र खुले में डाला जा रहा है, जिससे हवा, पानी और जमीन प्रदूषित हो रही है। बदबू के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
एनजीटी के दौरान गांव की सरपंच ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसकी जांच के लिए मृतकों की लिस्ट मांगी गई है। हालांकि अभी तक शिकायत में जो कारण दर्शाये गए हैं उनके बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाए हैं। मेडिकल टीम मामले की जांच कर रही है। जो भी रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अखिल पिलानी, जिला उपायुक्त नूंह।