आम्रपाली और जेपी के खरीदारों की मानें तो इतने दिनों से अधूरे बने फ्लैट अब खंडहर हो रहे हैं। घरों की मेंटेनेंस की जरूरत होती है। इसके अभाव में इनकी नींव कमजोर हो रही है। यह एक अलग समस्या है, जो अभी किसी को भी नहीं दिख रही है, लेकिन बाद में यह विकराल रूप ले लेगी क्योंकि इसके मेंटेनेंस के लिए भी पैसे चाहिए।
प्रोजेक्ट साइटों पर हो रही चोरी की घटनाएं
आम्रपाली के खरीदारों की मानें तो अधूरे खड़े प्रोजेक्ट साइटों पर लगातार चोरी की घटनाएं हो रहीं हैं। देखरेख के लिए किसी को नहीं रखा गया है। जिसे जो मर्जी वहां से उठा ले जा रहा है। यह अंतिम तौर पर खरीदारों का ही नुकसान है।
जेपी मामले में अभी तय नहीं कौन करेगा काम
जेपी के खरीदारों का दर्द आम्रपाली से भी ज्यादा है। उनका कहना है कि आम्रपाली मामले में कम से कम यह तो तय हो गया है कि वहां काम कौन करेगा और उसके लिए कई तरह की गतिविधियां भी हो रहीं हैं, लेकिन जेपी के प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अभी तक एजेंसी का भी चयन नहीं हो पाया है। इसके लिए एनबीसीसी और सुरक्षा में से किसी एक एजेंसी का चयन करना है। इसके लिए भी अभी 90 दिन का समय लगेगा।
जेपी के लिए एजेंसी चयन के बाद भी दस झमेले
जेपी के खरीदारों का कहना है कि काम करने वाली एजेंसी के चयन के बाद भी दस झमेले हैं। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि फंड कहां से आएगा। कहां से किसकी जेब ढीली होगी यह सब कुछ एजेंसी चयन के बाद ही पता चल पाएगा। लिहाजा, अभी यह कहना मुश्किल है कि इस मामले में आगे क्या होगा।
आम्रपाली और जेपी के प्रोजेक्ट
- आम्रपाली को देने थे 43500 फ्लैट
- जेपी इंफ्राटेक को देने थे 32000 फ्लैट
- जेपी के 17756 फ्लैट अभी भी अधूरे
- आम्रपाली के करीब 10 हजार फ्लैट खरीदार बिना रजिस्ट्री रह रहे
- जेपी इंफ्राटेक का मामला एनसीएलटी में
- आम्रपाली मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एनबीसीसी करेगा काम
- आम्रपाली के प्रोजेक्ट में रह रहे खरीदारों की रजिस्ट्री के आदेश, चल रहा दस्तावेज का सत्यापन
-जेपी के मामले में एनबीसीसी या सुरक्षा कंपनी में से कोई एक करेगा काम
आम्रपाली के प्रोजेक्ट पर काम कब तक शुरू हो पाएगा। स्ट्रेस फंड से भी आम्रपाली को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इससे खरीदार बेहद आहत हैं। रजिस्ट्री का काम भी नहीं शुरू हो पा रहा है।
- केके कौशल, आम्रपाली के खरीदार
अभी तो यह भी पता नहीं है कि जेपी के अधूरे प्रोजेक्ट को कौन करेगा। इसके लिए एजेंसी चयन के बाद भी असमंजस की स्थिति बनी रहेगी। लिहाजा, अभी खरीदारों के लिए खुश होने जैसा कुछ भी नहीं है।
एसपी मित्तल, जेपी के खरीदार
कोर्ट रिसीवर की ओर से जो भी लिस्ट प्राधिकरण को दी जाएगी। उसके माध्यम से प्राधिकरण आम्रपाली के खरीदारों की सबलीज डीड का निष्पादन सोसाइटी में ही कराएगा।
- राजेश कुमार, ओएसडी, नोएडा प्राधिकरण