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आशियाने की आस में ठोकरें खा रहे 60 हजार फ्लैट खरीदार

Sun, 24 Nov 2019 07:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा सुशील पांडेय, नोएडा
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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एक जमाने में गौतमबुद्ध नगर में आम्रपाली और जेपी बिल्डर के प्रोजेक्ट में निवेश करना सपने के सच होने जैसा था, लेकिन खुशी ज्यादा दिन तक बनी नहीं रह पाई जब पता चला कि बिल्डर डिफॉल्टर हो गए हैं। इसके बाद सड़कों पर आंदोलन शुरू हुआ और मामला कोर्ट पहुंच गया। कोर्ट से आस लगी कि अब जल्दी ही बेड़ा पार लगेगा, लेकिन यहां भी वर्षों गुजर गए। 

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इनमें से कई खरीदार तो अब इस दुनिया में भी नहीं है। वर्तमान में आम्रपाली के करीब 40 हजार और जेपी के करीब 20 हजार खरीदार जहां थे, वहीं के वहीं खड़े दिख रहे हैं। बस आश्वासनों का पिटारा नजर आ रहा है और खरीदार ठोकरें खा रहे हैं। प्रस्तुत है रिपोर्ट...

मामला कोर्ट में है हम कुछ नहीं कर सकते...
आम्रपाली और जेपी के खरीदारों का दुख यह है कि वह जहां भी और जिस एजेंसी के पास जाते हैं वहां से एक रटारटाया जवाब आता है कि मामला कोर्ट में है हम कुछ नहीं कर सकते। प्राधिकरणों की ओर से इस मसले पर कोई प्रयास नहीं किया जाता। अब तो वह भी कह रहे कि कोर्ट का जो निर्देश आएगा उसके मानेंगे।
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स्ट्रेस फंड की लिस्ट से बाहर होने का सता रहा दर्द
आम्रपाली के खरीदारों का दर्द यह है कि उन्होंने ही आंदोलनों के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से स्ट्रेस फंड की मांग की थी। स्ट्रेस फंड जैसे शब्द वही लेकर आए थे, लेकिन अब जब सरकार की ओर से 25 हजार करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा में उनका ही प्रोेजेक्ट तकनीकी तौर पर इस लिस्ट से बाहर हो गया है।

छह माह से चल रही रजिस्ट्री की बा
आम्रपाली के खरीदारों का कहना है कि छह महीने से रजिस्ट्री की बात चल रही है, लेकिन अभी तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद एक समय एक माह में रजिस्ट्री शुरू कराने का आदेश दिया था। मामले में कोर्ट रिसीवर तक तैनात हो चुका है। हालांकि, आम्रपाली सफायर फेज-1 और 2 के खरीदारों के दस्तावेज का सत्यापन होने के बाद रजिस्ट्री की बात फिर से उठी है।

जब्ती और नीलामी के आदेश का क्या हुआ
कोर्ट ने आम्रपाली के मामले में बिल्डर की संपत्तियों की जब्ती और नीलामी के आदेश दिए। उस दौरान ऐसा लगा कि अब पूरी संपत्ति नीलाम होगी और उससे मिलने वाले पैसे से काम तुरंत शुरू हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। नीलामी का प्रयास भी हुआ, लेकिन अब उसका भी परिणाम नहीं दिख रहा है। खरीदारों की आस इस वजह से टूटती दिख रही है।

काम कब तक शुरू होगा, फंड कहां से मिलेगा
आम्रपाली मामले में कोर्ट ने एनबीसीसी को तुरंत काम शुरू करने के आदेश दिए थे, लेकिन एनबीसीसी ने फंड जुटाने की बात कही। अभी के हालात में किसी भी प्रोजेक्ट में काम शुरू होता नहीं दिख रहा है, जबकि एनबीसीसी ने अपने प्लान में छोटे प्रोजेक्टों से काम शुरू करने के बाबत अपनी रिपोर्ट दी थी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। केवल आश्वासनों का दौर चल रहा है।

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खंडहर बने प्रोजेक्ट, नींव हो रही कमजोर

आम्रपाली और जेपी के खरीदारों की मानें तो इतने दिनों से अधूरे बने फ्लैट अब खंडहर हो रहे हैं। घरों की मेंटेनेंस की जरूरत होती है। इसके अभाव में इनकी नींव कमजोर हो रही है। यह एक अलग समस्या है, जो अभी किसी को भी नहीं दिख रही है, लेकिन बाद में यह विकराल रूप ले लेगी क्योंकि इसके मेंटेनेंस के लिए भी पैसे चाहिए।

प्रोजेक्ट साइटों पर हो रही चोरी की घटनाएं
आम्रपाली के खरीदारों की मानें तो अधूरे खड़े प्रोजेक्ट साइटों पर लगातार चोरी की घटनाएं हो रहीं हैं। देखरेख के लिए किसी को नहीं रखा गया है। जिसे जो मर्जी वहां से उठा ले जा रहा है। यह अंतिम तौर पर खरीदारों का ही नुकसान है।

जेपी मामले में अभी तय नहीं कौन करेगा काम
जेपी के खरीदारों का दर्द आम्रपाली से भी ज्यादा है। उनका कहना है कि आम्रपाली मामले में कम से कम यह तो तय हो गया है कि वहां काम कौन करेगा और उसके लिए कई तरह की गतिविधियां भी हो रहीं हैं, लेकिन जेपी के प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अभी तक एजेंसी का भी चयन नहीं हो पाया है। इसके लिए एनबीसीसी और सुरक्षा में से किसी एक एजेंसी का चयन करना है। इसके लिए भी अभी 90 दिन का समय लगेगा।

जेपी के लिए एजेंसी चयन के बाद भी दस झमेले
जेपी के खरीदारों का कहना है कि काम करने वाली एजेंसी के चयन के बाद भी दस झमेले हैं। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि फंड कहां से आएगा। कहां से किसकी जेब ढीली होगी यह सब कुछ एजेंसी चयन के बाद ही पता चल पाएगा। लिहाजा, अभी यह कहना मुश्किल है कि इस मामले में आगे क्या होगा।

आम्रपाली और जेपी के प्रोजेक्ट
- आम्रपाली को देने थे 43500 फ्लैट
- जेपी इंफ्राटेक को देने थे 32000 फ्लैट
- जेपी के 17756 फ्लैट अभी भी अधूरे
- आम्रपाली के करीब 10 हजार फ्लैट खरीदार बिना रजिस्ट्री रह रहे
- जेपी इंफ्राटेक का मामला एनसीएलटी में
- आम्रपाली मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एनबीसीसी करेगा काम
- आम्रपाली के प्रोजेक्ट में रह रहे खरीदारों की रजिस्ट्री के आदेश, चल रहा दस्तावेज का सत्यापन
 -जेपी के मामले में एनबीसीसी या सुरक्षा कंपनी में से कोई एक करेगा काम


आम्रपाली के प्रोजेक्ट पर काम कब तक शुरू हो पाएगा। स्ट्रेस फंड से भी आम्रपाली को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इससे खरीदार बेहद आहत हैं। रजिस्ट्री का काम भी नहीं शुरू हो पा रहा है।
- केके कौशल, आम्रपाली के खरीदार

अभी तो यह भी पता नहीं है कि जेपी के अधूरे प्रोजेक्ट को कौन करेगा। इसके लिए एजेंसी चयन के बाद भी असमंजस की स्थिति बनी रहेगी। लिहाजा, अभी खरीदारों के लिए खुश होने जैसा कुछ भी नहीं है।
एसपी मित्तल, जेपी के खरीदार

कोर्ट रिसीवर की ओर से जो भी लिस्ट प्राधिकरण को दी जाएगी। उसके माध्यम से प्राधिकरण आम्रपाली के खरीदारों की सबलीज डीड का निष्पादन सोसाइटी में ही कराएगा।
- राजेश कुमार, ओएसडी, नोएडा प्राधिकरण
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