दिल्ली के साकेत स्थित एक मॉल में अलकनंदा वॉलेट के लॉकर्स की जांच नोएडा आयकर विभाग ने पूरी कर ली है। इस दौरान 60 लॉकर फर्जी पाए गए, जिसके बाद विभाग ने करीब 50 करोड़ रुपये की ज्वेलरी, सोना, एफडी आदि सीज कर दी है। विभाग ने केंद्र सरकार को जांच रिपोर्ट भेज दी है।
नोटबंदी के बाद आयकर विभाग की टीम ने अलकनंदा वॉलेट पर छापा मारा था। टीम लगातार लॉकर्स की जांच कर रही थी। आयकर विभाग के मुताबिक अब जांच पूरी हो गई है। 117 लॉकर में से 60 ऐसे थे, जो फर्जी आईडी पर खोले गए थे। जांच के दौरान इनके नाम-पते सब गलत पाए गए।
इसके बाद करीब 50 करोड़ रुपये की ज्वेलरी, सोना, एफडी, संपत्ति के कागजात आदि सीज कर दिए गए हैं। आयकर विभाग के मुताबिक सभी लॉकर दिल्ली के पते पर हैं। सौम्या बुलियन ट्रेडर का भी सोना मिला है। जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई क्या होगी, इसकी जिम्मेदारी ईडी को दी जाएगी या केंद्र से आयकर विभाग को निर्देश मिलने पर इस बारे में स्पष्ट होगा।
प्राइवेट लॉकर्स पर कोई नियम-कानून नहीं
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आयकर विभाग के मुताबिक दिल्ली में करीब 200 प्राइवेट वॉलेट हैं। प्राइवेट वॉलेट कोई भी खोल लेता है और इसमें लोगों को लॉकर्स की सुविधा दी जाती है। इसके लिए आईडी की भी अनिवार्यता नहीं होती।
इनकी निगरानी के लिए न तो कोई रेग्यूलेटरी बॉडी है और न ही कोई नियम-कानून। यही वजह है कि इन लॉकर्स का गलत इस्तेमाल होता है। अलकनंदा वॉलेट के लॉकर्स के मामले में भी यही हुआ।
दूसरी तरफ बैंकों के लॉकर्स में बैंक प्रबंधन रिकॉर्ड रखते हैं और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पास इनकी पूरी जानकारी होती है। ऐसे में फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं होती।
एक्सिस बैंक के और खाते होंगे सीज
सेक्टर-51 स्थित एक्सिस बैंक के अभी और खाते सीज होंगे। सेक्टर- 51 और सेक्टर-18 स्थित एक्सिस बैंक में फर्जी आईडी पर खोले गए खातों की जांच में जुटी आयकर विभाग की टीम 50 खाते पहले ही सीज कर चुकी है।
जांच में अब तक 125 फर्जी खाते सामने आ चुके हैं। सीज किए खातों से काफी रकम पहले ही निकाली जा चुकी थी। करीब ढाई करोड़ रुपये सीज किए गए थे। आयकर विभाग के मुताबिक अभी और खाते सीज किए जाएंगे। इनकी संख्या छह-सात या इससे अधिक भी हो सकती है।