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अंगदान महादान: 59 साल के रूपचंद्र पांच लोगों को दे गए जिंदगी, हादसे में मरने वाले लोग बन रहे मिसाल

Wed, 03 May 2023 09:47 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में 59 साल के रूपचंद्र ने पांच लोगों को जिंदगी दे दी। उनके लंग्स को एम्स में, अपोलो में हार्ट, आर्मी हॉस्पिटल में लिवर, एम्स-आरएमएल में दोनों किडनी ट्रांसप्लांट की हैं।
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वर्ल्ड ऑर्गन डोनेशन डे 2021, अंगदान का महत्व - फोटो : Istock
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विस्तार
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जिंदगी खोकर भी 59 साल के रूपचंद्र सिंह पांच लोगों को जिंदगी दे गए। बेटे की सहमति से एम्स में उनका अंगदान हुआ। दरअसल 30 अप्रैल को रूपचंद्र बेटे के साथ बाइक से जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे शादीपुर के पास सड़क हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लगी। उन्हें तुरंत इलाज के लिए एम्स के ट्रॉमा सेंटर लाया गया। यहां दो दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ते रहे। लेकिन 2 मई की रात डेढ़ बजे वह जिंदगी से हार गए।

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डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेथ घोषित कर दिया। पिता को खोने के बाद नागेंद्र ने अंगदान की सहमति जताई। उन्हें एम्स की टीम ने काउंसलिंग दी। इस अंगदान में सूर्य प्रताप सिंह ने भी अहम भूमिका निभाई। 22 मार्च को अपने एक रिश्तेदार का अंगदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सूर्य प्रताप सिंह ने परिवार से बात की। अपना अनुभव साझा किया।

इन अस्पतालों में पहुंचे अंग
एम्स से मिली जानकारी के अनुसार, अंगदान के बाद नोट्टो ने अंग आवंटित किए। रूपचंद्र सिंह से मिले लंग्स को 30 साल के एक पुरुष में एम्स में ट्रांसप्लांट किया गया। यह एम्स में इस साल का पहला लंग्स ट्रांसप्लांट है। वहीं, अभी तक का तीसरा है। दिल को अपोलो अस्पताल में एक 65 साल के मरीज में प्रत्यारोपित किया गया। एक किडनी डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में और दूसरी किडनी एम्स के मरीज में प्रत्यारोपित की गई, जबकि लिवर को आर्मी हॉस्पिटल में 31 साल के मरीज में ट्रांसप्लांट किया गया। उनकी दोनों कॉर्निया एम्स में सुरक्षित रख ली गई। जिससे बाद में दो लोगों को आंखों की रोशनी मिल सकेगी। दिल्ली में इस साल का यह 17वां अंगदान है।
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बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर
एम्स ट्रामा सेंटर से अपोलो अस्पताल तक दिल को लाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इसकी मदद से केवल 12 मिनट में दिल अस्पताल पहुंच गया। अपोलो अस्पताल के प्रबंध निदेशक पी शिव कुमार ने बताया कि अंगदान से प्राप्त दिल को केवल 12 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं आर्मी और आरएमएल अस्पताल के लिए भी ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।

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