एसएसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई गैंगस्टरों की आर्थिक रूप से कमर तोड़ने के लिए की जा रही है, ताकि भविष्य में यह आगे किसी तरह अपराध करके लोगों को परेशान न सकें। एडीएम प्रशासन को कहा गया है कि 566 गैंगस्टर में यदि किसी के पास शस्त्र लाइसेंस है तो उसकी जानकारी मुहैया कराई जाए और पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस निरस्त करके हथियार जब्त किए जाएं।
साथ ही, चरित्र और हैसियत प्रमाण पत्र यदि उनके बने हैं तो तत्काल निरस्त किया जाए। इसके अलावा डूब क्षेत्र में 50 भूमाफिया, शाहबेरी में 10 बिल्डर व खाद्यान्न मामले में 25 से अधिक लोगों के खिलाफ और गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस बार गैंगस्टर एक्ट में मारपीट, चोरी, लूट, हत्या, धोखाधड़ी के अलावा ऑनलाइन धोखाधड़ी और खनन माफिया को भी शामिल किया गया है। इसमें शराब माफिया, शिक्षा माफिया, जुआ माफिया आदि के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
यह हैं प्रमुख अपराधी
पुलिस के मुताबिक, बदमाश सुंदर भाटी, रणदीप-कुलवीर भाटी व अनिल दुजाना, खनन माफिया संजय मोमनाथल व बेटा भूपेंद्र मोमनाथल, बिल्डर कुनाल डोगरा, सुरेंद्र डोगरा, एवीजे हाइट्स, रामभूल गढ़ी, देवेंद्र मुखिया व शाहबेरी में गंगाधर द्विवेदी भूमाफिया, बिजली कर्मी के हत्यारोपी बढ़पुरा निवासी नीटू उर्फ कुलदीप, शराब माफिया राजेंद्र मावी, 3700 करोड़ का ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले अनुभव मित्तल व अन्य सहयोगियों के अलावा आदि पर गैंगस्टर एक्ट लगा हुआ है।
जबकि अभी और कई बिल्डर व धोखेबाजों पर भी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है यदि उक्त गैंगस्टर में से किसी की भी संपत्ति के बारे में कोई जानकारी देना चाहे तो दे सकता है। इसकी सूचना गोपनीय रखी जाएगी।