केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया से रेल यात्रियों को खूब फायदा हो रहा है। टिकट काउंटर पर भीड़ भाड़ की लाइन से बचने के लिए लोग इंटरनेट के जरिए टिकट बुक कराना अधिक पसंद कर रहे हैं। ये आंकड़ा एक दो नहीं बल्कि 56 फीसदी तक पहुंच गया है।
सूरजकुंड में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय विकास शिविर में आईआरसीटीसी ने इसकी विस्तृत जानकारी दी है। वर्ष 2013-14 से अब तक बेवसाइट पर एक साथ उपयोगकर्ताओं, प्रति मिनट बुकिं ग कराने वाले और पूछताछ करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो देशभर में करीब प्रतिदिन 4 करोड़ यात्री आईआरसीटीसी वेबसाइट का सहारा लेकर अपनी यात्रा को सुगम बना रहे हैं। वेबसाइट उपयोगकर्ताओं की संख्या वर्ष 2013-14 में जहां 40,000 थी वर्ष 2015-16 में बढ़कर 1,26000 तक पहुंच गया।
वर्ष 2016-17 में आंकड़ा पहुंचकर 4,96,289 तक जा पहुंचा। प्रति मिनट बुकिंग वर्ष 2013-14 में जहां 2000 थी वह 2015-16 में बढ़कर 7200 और वर्ष 2016-17 में 16,629 तक पहुंच गई है।
81 फीसदी तत्काल टिकट इंटरनेट से:
-इंटरनेट का प्रचलन तेजी से होने के कारण रेल काउंटर से तत्काल टिकट कराने वाले यात्रियों की संख्या बेहद कम हो गई है। यही कारण है कि अब लाइन में लगने वाले एक दो यात्री का ही तत्काल टिकट कंफर्म हो पाता है।
सूरजकुंड के रेल विकास शिविर में लगी प्रदर्शनी के जरिए आईआरसीटीसी ने जो आंकड़े प्रस्तुत किए हैं उसके मुताबिक अब 81 फीसदी टिकट ऑनलाइन के जरिए बुक कराए जा रहे हैं। काउंटर से टिकट लेने वालों की संख्या महज 19 फीसदी रह गई है।
इसी तरह अब 44 फीसदी यात्री ही काउंटर से आरक्षण टिकट करा रहे हैं। जबकि 56 फीसदी यात्री ऑनलाइन के जरिए टिकट आरक्षण कराते हैं। ये आंकड़े रेलवे में डिजिटल इंडिया की सफलता के गुण गा रहे हैं।