एसटीएफ एसपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार को अनुभव से पूछताछ में एबलेज कंपनी के एक गेटवे का पता चला था। ये गेटवे पेयनीर नाम से है जो हैदराबाद का है।
गेटवे से संपर्क करने पर पता चला कि उसके पास एबलेज कंपनी के 52 करोड़ रुपये हैं। एबलेज के बैंक खाते फ्रीज होने के कारण ये रकम गेटवे से खाते में हस्तांतरित नहीं हो पाई थी।
इस रकम को गेटवे के पास ही फ्रीज करा दिया गया है। इससे पहले एसटीएफ एबलेज कंपनी के बैंक खातों में जमा 524 करोड़ रुपये की रकम भी फ्रीज करा चुकी है।
एसटीएफ के पास फिलहाल चार बैंक में इनके दस खातों का ब्योरा है
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- फोटो : राजन राय
1 फरवरी को एसटीएफ ने एबलेज कंपनी के मालिक अनुभव मित्तल, सीईओ श्रीधर प्रसाद और तकनीकी प्रमुख महेश दयाल को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ के पास फिलहाल चार बैंक में इनके दस खातों का ब्योरा है।
एसटीएफ को आशंका है कि कुछ और बैंक में भी आरोपियों और कंपनी के खाते हो सकते हैं। उनकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। एसटीएफ ये भी जांच कर रही है ऑनलाइन भुगतान प्राप्त करने के लिए कंपनी ने किसी और गेटवे की सुविधा तो नहीं ली है।
30 से ज्यादा पीओएस मशीनें भी
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एसटीएफ के अनुसार, अनुभव ने पेयनीर गेटवे की 30 से ज्यादा प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें भी ले रखी थीं। पीओएस मशीन की मदद से फ्रॉड कंपनी अपने निवेशकों से डेबिट, क्रेडिट और कैश कार्ड के जरिये भी भुगतान लेती थी।
अनुभव ने मई 2016 में पीओएस मशीनें ली थीं। ये मशीनें कंपनी के बड़े डिस्ट्रीब्यूटर को दी गई थीं, जिन्होंने हजारों की संख्या में लोगों को जोड़ा था। ये लोग कंपनी के रीजनल ऑफिस की तर्ज पर काम कर रहे थे। एक-दो पीओएस मशीनें एबलेज कंपनी के राजनगर गाजियाबाद स्थित ऑफिस में भी लगी थीं। पीओएस मशीनों को भी सीज किया जाएगा।