केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) महानिदेशक राजेश रंजनने कहा है कि हम किसी भी हमले से निपटने के लिए तैयार हैं। सुरक्षा एजेंसियों से मिलने वाली जानकारी पर उचित कार्रवाई भी करते हैं। वे सीआईएसएफ के 50वें स्थापना दिवस से पहले प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद ऐसे हमले से निपटने के लिए बल को तैयार कर लिया गया है। वह किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।
महानिदेशक राजेश रंजन ने कहा कि जम्मू कश्मीर के बांदीपुरा में चल रहे हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सुरक्षा में सीआईएसएफ के जवान तैनात हैं। यह जगह लाइन ऑफ कंट्रोल से 1.2 किलोमीटर दूर है। वहीं उड़ी में भी उनके जवान तैनात हैं, जो लाइन ऑफ कंट्रोल से 20 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में वहां तैनात जवानों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है, जिससे वह आतंकियों को करारा जवाब दे सकें।
महानिदेशक ने कहा कि पिछले साल 26 अक्तूबर को आतंकियों ने उनके जवानों पर हमला किया था। इसमें एएसआई राजेंद्र प्रसाद शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद जवानों को इससे निपटने की ट्रेनिंग दी गई। पिछले साल 28 दिसंबर को 6 से 8 आतंकियों ने हमला किया, जिसका जवानों ने डटकर मुकाबला किया और उनके हमले को नाकाम कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 मार्च को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के 50वें स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ) महानिदेशक राजेश रंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री पहली बार सीआईएसएफ के किसी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। सीआईएसएफ 10 मार्च को रजत जयंती समारोह गाजियाबाद के इंदिरापुरम में सीआईएसएफ के 5वें बटालियन कैंप में आयोजित करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री भारतीय वायु सेना के हेलीकाप्टर से आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे। सबसे पहले नरेंद्र मोदी कैंप परिसर में शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और सीआईएसएफ के सलामी गारद का निरीक्षण करेंगे। उसके बाद सीआईएसएफ कर्मियों को संबोधित करेंगे।